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रईसी की मौत पर 'जश्न', ईरान में एक तबके के लिए 'कस्साई' थे पूर्व राष्ट्रपति, पटाखे छोड़ा, मिठाइयां बांटी, मनाया जश्न

Ebrahim Raisi Death : रिपोर्टों में नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस ऑफ ईरान (NCRI) के विदेशी मामलों की समिति के सदस्य अली सफावी के हवाले से कहा गया कि 'रईसी ने लोगों को बर्बरता पूर्वक दबाकर रखा था, ये प्रदर्शन भविष्य की उम्मीद की एक झलक हैं।'

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रविवार को हेलिकॉप्टर हादसे में हुई इब्राहिम रईसी की मौत।

Photo : AP

Ebrahim Raisi Death : राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत होने पर ईरान में बड़ी संख्या में लोग गमजदा हैं, शोक की लहर है। उनके जनाजे में भी भारी संख्या में लोग शामिल हुए लेकिन कुछ ऐसे लोग भी दिखे जिन्हें रईसी के मरने का कोई अफसोस नहीं है। सोशल मीडिया में ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें लोग पटाखे जलाकर, कार का म्यूजिक तेज कर और मिठाइयां बांटकर रईसी की मौत का जश्न मनाते देखे गए।

रविवार को हुई रईसी की मौत

रविवार को हेलिकॉप्टर हादसे में रईसी की मौत हो गई। अजरबैजान सीमा पर एक बांध का उद्घाटन करने के बाद लौटते समय यह दुर्घटना हुई। बताया गया कि जिस हेलिकॉप्टर में रईसी सवार थे, वह खराब मौसम की वजह से क्रैश कर गया। राष्ट्रपति के चॉपर के बड़े में तीन हेलिकॉप्टर शामिल थे। इस हादसे में ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिरअब्दुलाहियान सहित अन्य अधिकारियों की भी मौत हुई।

प्रदर्शन उम्मीद की झलक-NCRI

रिपोर्टों में नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस ऑफ ईरान (NCRI) के विदेशी मामलों की समिति के सदस्य अली सफावी के हवाले से कहा गया कि 'रईसी ने लोगों को बर्बरता पूर्वक दबाकर रखा था, ये प्रदर्शन भविष्य की उम्मीद की एक झलक हैं।' उन्होंने कहा कि 'रईसी के शासन में लोगों का दम घुटा हुआ था। उनका कार्यकाल ईरान के इतिहास में अंधेयुग के रूप में जाना जाएगा।'

1988 के नरसंहार में रईसी की भूमिका

मानवाधिकार कार्यकर्ता और ईरानी तानाशाही के आलोचक रईसी को 'हत्यारा' बताते हैं। इनका कहना है कि '2022-2023 में हिजाब के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को रईसी ने बर्बरता पूर्वक कुचला। इसमें पुलिस हिरासत में एक लड़की की मौत हुई। यही नहीं 1988 में इन्होंने ईरान में बड़े पैमान पर नरसंहार कराया।' सफावी के मुताबिक, '1988 के नरसंहार में रईसी की प्रत्यक्ष भूमिका थी। इन्होंने करीब 30 हजार राजनीतिक कैदियों को मौत के घाट उतरवाया। खासकर, उन माताओं ने जिन्होंने अपना बेटा खोया, उनके लिए रईसी की मौत न्याय की तरह है।'

लोग रईसी को महान हस्ती भी मानते हैं

यह अलग बात है कि ईरान में एक तबका रईसी को उनकी बर्बरता, हिंसा और अत्याचार के लिए याद कर रहा है लेकिन लोगों का एक बड़ा समूह हो जो उनकी मौत पर शोकमग्न और दुखी है। मंगलवार को निकाले गए उनके जनाजे में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। रईसी को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रईसी के ताबूत को ईरानी झंडे में लपेटा गया था। इस ताबूत को छूने के लिए लोग बेताब दिखे। सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक यूजर ने लिखा है, 'आप एक महान हस्ती थे और देशवासियों की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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