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'इलेक्शन नहीं, एक सुनियोजित नाटक', शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनाव को बताया फर्जी; युनुस को भी घेरा

Bangladesh Elections: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को अंतरिम सरकार द्वारा कराए जा रहे आम चुनावों को ''एक सुनियोजित नाटक'' करार दिया। उन्होंने कहा कि अवामी लीग-मुक्त चुनाव को जनता ने बड़े पैमाने पर अस्वीकार कर दिया।

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बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (फाइल फोटो)

Photo : AP

Bangladesh Elections: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को अंतरिम सरकार द्वारा कराए जा रहे आम चुनावों को ''एक सुनियोजित नाटक'' करार दिया और ''एक तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव'' कराने की मांग की। तीस वर्षों में पहली बार, आवामी लीग का चुनावी चिह्न 'नाव' चुनाव के मतपत्र पर दिखाई नहीं दिया, जो अगस्त 2024 में व्यापक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हसीना को सत्ता से हटाने के बाद पहला चुनाव है।

युनुस सरकार पर बरसीं शेख हसीना

भारत में रह रही 78 वर्षीय हसीना ने कहा कि मोहम्मद युनुस की अंतरिम सरकार के तहत हो रहे चुनाव मूल रूप से ''एक सुनियोजित नाटक'' हैं।

उन्होंने अपनी पार्टी के सोशल मीडिया पर लिखा, ''अवामी लीग की गैर मौजूदगी में आयोजित इस भ्रामक, मतदाताविहीन चुनाव में लोगों के मतदान के अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की पूरी तरह से अनदेखी की गई।'' उन्होंने आरोप लगाया, ''11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदना, पैसे का वितरण, मतपत्रों पर मुहर लगाना और एजेंट द्वारा परिणाम पत्रकों पर हस्ताक्षर करने के साथ यह नाटक शुरू हो गया।''

हसीना ने दावा किया कि 12 फरवरी की सुबह तक, ''देशभर के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या नगण्य थी और राजधानी और अन्य क्षेत्रों के कई केंद्रों पर तो मतदाता थे ही नहीं।'' उन्होंने कहा, ''निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार, पूर्वाह्न 11 बजे तक - मतदान शुरू होने के महज साढ़े तीन घंटे बाद - केवल 14.96 प्रतिशत पात्र मतदाताओं ने ही भाग लिया था।''

'जनता ने अस्वीकार किया चुनाव'

हसीना ने कहा कि यह बेहद कम मतदान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अवामी लीग-मुक्त चुनाव को जनता ने बड़े पैमाने पर अस्वीकार कर दिया।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में, ''अवामी लीग के मतदाताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हमले, गिरफ्तारियां, धमकियां और भय का माहौल बनाया गया।'' उन्होंने दावा किया, ''तमाम धमकियों और उत्पीड़न के बावजूद, लोगों ने इस फर्जी चुनाव को खारिज कर दिया, जिसके चलते ज्यादातर मतदान केंद्र लगभग खाली रह गए।''

पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि ''मतदाता सूचियों में, विशेष रूप से ढाका शहर में, मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि देखी गई है, जिससे गंभीर सवाल पैदा होता है।'' अवामी लीग ने इस ''मतदाता-विहीन, अवैध और असंवैधानिक चुनाव'' को रद्द करने की मांग की। पार्टी ने यूनुस के इस्तीफे की मांग की और सभी ''राजनीतिक कैदियों, जिनमें शिक्षक, पत्रकार और बुद्धिजीवी शामिल हैं, की रिहाई और सभी झूठे मामलों को वापस लेने'' की मांग की।

युनुस सरकार ने अवामी लीग पर लगा रखा है प्रतिबंध

पार्टी ने अवामी लीग की गतिविधियों पर लगे निलंबन को रद्द करने की भी मांग की। इसने एक तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत ''स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव'' कराने का आह्वान किया गया। जुलाई 2024 में हुए जन विद्रोह के बाद अवामी लीग को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था और अंतरिम सरकार ने पिछले साल 12 मई को पार्टी की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके कुछ ही समय बाद, निर्वाचन आयोग ने पार्टी का पंजीकरण स्थगित कर दिया था। सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में मुकदमे पूरे होने तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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