रूस और यूक्रेन के बीच बीते चार साल से जंग जारी है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को दावा किया कि काला सागर में तुर्किये के स्वामित्व वाले एक नागरिक मालवाहक जहाज पर दो रूसी ड्रोन ने हमला किया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। जहाज पर भारतीय और अजरबैजान के नागरिक सवार थे। जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में जहाज के कैप्टन की मौत हो गई, जबकि 11 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जहाज तुर्किये का था और वह तटस्थ जल क्षेत्र में मक्का लेकर जा रहा था। उन्होंने बताया कि जहाज पर अजरबैजान और भारत के नागरिक भी मौजूद थे। एक अन्य व्यक्ति का पता अभी नहीं चल पाया है।
11 क्रू सदस्यों को बचाया गया
यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, हमले के बाद 11 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें से एक सदस्य घायल है। जहाज पर हुए हमले को लेकर अभी रूस की ओर से इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने काला सागर में तनाव कम करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदमों का प्रस्ताव दिया है।काला सागर में बढ़ा व्यापारिक जहाजों पर खतरा
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और बंदरगाहों पर हमलों को लेकर चिंता बढ़ी है। यह क्षेत्र वैश्विक खाद्य और समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। ऐसे में व्यापारिक जहाजों पर हमलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य आपूर्ति और समुद्री परिवहन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
यूक्रेन में भारतीय मूल की कंपनी के कर्मचारी की भी मौत
यह घटना ऐसे समय हुई है जब रविवार को यूक्रेन के सुमी में भारतीय मालिकों के एक फार्मास्युटिकल वेयरहाउस से जुड़े 52 वर्षीय कर्मचारी की रूसी हमले में मौत की खबर सामने आई थी। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा था कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान के प्रयासों को लेकर हाल के महीनों में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। उन्होंने बताया कि भारत ने इस दिशा में कीव और मॉस्को दोनों के साथ बातचीत जारी रखी है।
जयशंकर की यह टिप्पणी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास संघर्ष का पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए अच्छे विचार हैं।
