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रूस ने फिर यूक्रेन में बरपाया कहर, ड्रोन और मिसाइल हमले में पांच की मौत; जेलेंस्की ने बयां किया दर्द

Russia Ukraine War Updates: यूक्रेन में रूसी ड्रोन और मिसाइल हमले में पांच की मौत हो गई। इसकी जानकारी खुद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दी है। उन्होंने बताया कि रूस ने विभिन्न प्रकार के हथियारों (मिसाइलें, हमलावर ड्रोन और हवाई बम) का उपयोग करके हमारे शहरों पर हमला किया। आपको हमले की बाद का वीडियो इस रिपोर्ट में दिखाते हैं।

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यूक्रेन में रूसी ड्रोन और मिसाइल हमले में पांच की मौत।

Russian drone and missile attack in Ukraine: यूक्रेन के शहरों और नगरों पर रात में रूस के ड्रोन एवं मिसाइल हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी। स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच, रूस की सेना यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में अपनी आक्रामक बढ़त बनाये हुए है। यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि यूक्रेनी पोल्टावा शहर में एक अपार्टमेंट पर रूसी मिसाइल हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।

रूस ने विभिन्न प्रकार के हथियारों से यूक्रेन पर किया हमला

पोल्टावा क्षेत्र के कार्यवाहक गवर्नर वोलोदिमिर कोहुत ने बताया कि हमले में आंशिक रूप से ढह गयी पांच मंजिला इमारत से करीब 21 लोगों को निकाला गया। बचाव दल अब भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। दूसरी ओर, खार्किव क्षेत्र में एक गिरे हुए ड्रोन के मलबे से 60 वर्षीय एक महिला का शव निकाला गया। खार्किव के गवर्नर ओलेह सिनीहुबोव ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'कल रात, रूस ने विभिन्न प्रकार के हथियारों- मिसाइल, हमलावर ड्रोन और हवाई बम का उपयोग करके हमारे शहरों को निशाना बनाया।'

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले के बाद की तस्वीरें साझा कीं

जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 'कल रात, रूस ने विभिन्न प्रकार के हथियारों का उपयोग करके हमारे शहरों पर हमला किया: मिसाइलें, हमलावर ड्रोन और हवाई बम। आतंकवादी अपराधों की एक और लहर।' उन्होंने आगे कहा कि पोल्टावा में, एक आवासीय इमारत पर हमला किया गया, इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया। बच्चों सहित दस लोग घायल हो गए। दुखद रूप से, तीन लोग मारे गए। उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाएं मौके पर हैं, बचाव और आवश्यक सहायता प्रदान कर रही हैं।

जेलेंस्की ने बताया कि 'ज़ापोरिज्जिया के साथ-साथ ओडेसा, सुमी, खार्किव, खमेलनित्सकी और कीव क्षेत्रों में भी नुकसान की सूचना मिली है। अब तक, छह लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। खार्किव में, एक व्यक्ति को एक हमलावर ड्रोन ने मार डाला। सुमी क्षेत्र में, इस रूसी हमले ने दो और लोगों की जान ले ली। उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी संवेदना। आतंक का ऐसा हर कृत्य साबित करता है कि हमें रूसी आतंक से बचाव में अधिक समर्थन की आवश्यकता है। हर वायु रक्षा प्रणाली, हर इंटरसेप्टर मिसाइल का मतलब है एक जान बचाना। यह महत्वपूर्ण है कि हमारे साझेदार कार्रवाई करें, हमारे समझौतों को पूरा करें और रूस पर दबाव बढ़ाएं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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