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क्या खत्म हो जाएगी Russia Ukraine War? ट्रंप के आह्वान के बाद क्रेमलिन का बयान, कहा- 'बातचीत के लिए हम तैयार'

Russia Ukraine War: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि रूस यूक्रेन पर बातचीत के लिए तैयार है और शांति पहल का स्वागत करता है। दोनों देशों के बीच शत्रुता को समाप्त करने के लिए आवश्यक शर्तें राष्ट्रपति पुतिन द्वारा निर्धारित की गई थीं।

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Russia Ukraine War

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Russia Ukraine War: इजराइल-हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर के बाद दुनिया के लिए एक और अच्छी खबर है। रूस और यूक्रेन के बीच 2 साल से छिड़ी जंग रुक सकती है। इस बाबत रूसी राष्ट्रपति कार्यालय 'क्रेमलिन' का बयान आया है। क्रेमलिन ने कहा है कि हम शांति पहल का स्वागत करते हैं और संघर्ष विराम के लिए बातचीत के लिए तैयार हैं। क्रेमलिन की ओर से यह बयान तब आया है जब अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तत्काल संघर्ष विराम का आह्वान किया था।

रूस के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से कहा, हमने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को ध्यान से पढ़ा है, जो उन्होंने पेरिस में मैक्रों व जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा, रूस यूक्रेन पर बातचीत के लिए तैयार है और शांति पहल का स्वागत करता है। दोनों देशों के बीच शत्रुता को समाप्त करने के लिए आवश्यक शर्तें राष्ट्रपति पुतिन द्वारा निर्धारित की गई थीं।

पुतिन की शर्तों पर ही होगा संघर्ष विराम

क्रेमलिन ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन ने ग्लोबल साउथ, ब्रिक्स भागीदारों व अन्य देशों की ओर से आने वाली शांति पहलों का स्वागत किया है। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यूक्रेन द्वारा वार्ता को अस्वीकार करने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, हमारा रुख सर्वविदित है। शत्रुता को तुरंत समाप्त करने के लिए आवश्यक शर्तें राष्ट्रपति पुतिन ने इस साल जून में अपने भाषण में रखी थीं। यहां यह याद दिलाना जरूरी है कि यह यूक्रेन ही था जिसने वार्ता को अस्वीकार किया था और देश अभी भी उन्हें अस्वीकार करता है। उन्होंने कहा, यूक्रेन के राष्ट्रपति को बस इतना करना है कि वह अपने आदेश को रद्द कर दें, इस्तांबुल में की गई व्यवस्था के आधार पर बातचीत फिर से शुरू करने के आदेश जारी करें और आज की वास्तविकताओं को ध्यान में रखें।

ट्रंप ने किया था सीजफायर का आह्वान

बता दें, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन के साथ तत्काल संघर्ष विराम पर पहुंचने के लिए रविवार को कदम उठाने का दबाव डाला था। उन्होंने इसे, अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण में काफी समय शेष होने के बावजूद इस लड़ाई को समाप्त करने में बतौर निर्वाचित राष्ट्रपति अपने सक्रिय प्रयासों का हिस्सा बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का उल्लेख करते हुए लिखा, जेलेंस्की और यूक्रेन समझौता करना चाहेंगे और पागलपन बंद करना पसंद करेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता को कम करने और अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने के लिए तैयार हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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