Nigeria Rape Festival: नाइजीरिया के ओजोरो (Ozoro) से ऐसे वीडियो सामने आए जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया। यह वीडियो ओजोर में आयोजित एक पारंपरिक उत्सव की बताई जा रही है जिनमें भीड़भाड़ वाली सड़कों पर महिलाओं का खुलेआम यौन उत्पीड़न किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल
सोशल मीडिया पर डेल्टा स्टेट में होने वाले वार्षिक 'Alue-Do फर्टिलिटी फेस्टिवल' की वीडियो सामने आई डिसमें महिलाएं जान बचाकर भागती हुई नजर आ रही हैं, जबकि पुरुषों के समूह उनका पीछा करते हुए उन्हें घेरने की कोशिश करते हैं। इसके बाद महिलाओं के साथ बदसलूकी की जाती है और उनके कपड़े फाड़े जाते हैं। आसपास मौजूद कई लोग इन घटना को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड करते हुए दिखाई देते हैं।
छानबीन में जुटी पुलिस
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। यह घटनाएं किसी एक स्थान तक सीमित नहीं थीं, बल्कि अलग-अलग स्थानों से इसके वीडियो सामने आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई पीड़िताएं तो विश्वविद्यालय की छात्राएं थीं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के तहत सजा दी जाएगी। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी औपचारिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
पीड़िता ने सुनाई आपबीती
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खुलेआम फेस्टिवल के नाम पर यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर पीड़िता ने अपना दर्द साझा किया। एक छात्रा ने अधिकारियों को बताया कि वह जैसे ही बाइक से उस इलाके में पहुंची तो उस पर हमला किया गया। उन्होंने बताया, ''जैसे ही मैं नीचे उतरी, लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया- 'उसे पकड़ो, वह एक महिला है' और फिर झुंड की तरह मुझ पर टूट पड़े।''
उन्होंने आगे बताया कि भीड़ ने मेरे कपड़े खींचे और जबरदस्ती की। मैं लगातार मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन कोई आगे नहीं आया। हालांकि, बाद में एक व्यक्ति ने मुझे बचाया, लेकिन मेरा फोन छीन लिया गया। पीड़िता के मुताबिक, इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और कॉलेज भी वापस नहीं जा पाईं।
फर्टिलिटी फेस्टिवल या दुर्व्यवहार
स्थानीय समुदाय के नेताओं ने मामले का बचाव करते हुए कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका कहना है कि यह फेस्टिवल एक पारंपरिक प्रजनन अनुष्ठान है, जिसमें कुछ प्रतीकात्मक क्रियाएं शामिल होती हैं, जो संतान प्राप्ति के लिए आशीर्वाद का संकेत मानी जाती हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि व्यापक यौन हिंसा के आरोप 'भ्रामक और गलत' हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ लोगों ने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया, लेकिन यह परंपरा का हिस्सा नहीं है।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना महज एक फेस्टिवल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में मौजूद गहरी समस्याओं को उजागर करती है।
