Trump Press Conference: प्रेस की भारी मांग के चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस अब व्हाइट हाउस ब्रीफिंग रूम में दोपहर 1 बजे पूर्वी समय (1PM ET) पर होगी। व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने यह जानकारी दी। बता दें कि व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है और ट्रंप के फैसलों से जुड़ी तमाम जानकारियां यहां से दी जाती है।
अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू पर बयान
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू पर बयान दिया है। ट्रंप ने कहा- हमने ईरान के घने पहाड़ों से गंभीर रूप से घायल और बेहद बहादुर एफ-15 चालक दल के सदस्य/अधिकारी को बचा लिया है। ईरानी सेना भारी संख्या में उनकी तलाश कर रही थी और उनके करीब पहुंच रही थी। वे एक अत्यंत सम्मानित कर्नल हैं। इस तरह के हमले बहुत कम ही किए जाते हैं क्योंकि इसमें जान-माल का खतरा होता है। ऐसा होना नामुमकिन है! पहले हमले के बाद दूसरा हमला किया गया, जिसमें हमने पायलट को दिनदहाड़े बचाया, जो कि असामान्य था। हमने ईरान के ऊपर सात घंटे बिताए। सभी ने अद्भुत साहस और कौशल का प्रदर्शन किया! मैं सोमवार को दोपहर 1:00 बजे ओवल ऑफिस में सेना के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। हमारे महान सैन्य योद्धाओं को ईश्वर का आशीर्वाद मिले! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प
अमेरिका ने अपना सैन्य अधिकारी खोज निकाला
बता दें कि युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने सैन्यकर्मी को खोज निकाला है। यह सैनिक अफसर ईरान में मार गिराए गए एफ- 15 E ईगल के बाद लापता हो गया था। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलट की जानकारी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा,"अमेरिकी सेना ने ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाके में फंसे एक वरिष्ठ अधिकारी को सफलतापूर्वक बचा लिया है।" ट्रंप के मुताबिक, यह मिशन अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक था।
बचाए गए अधिकारी कर्नल हैं: ट्रंप
ट्रंप ने बताया कि उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने दर्जनों अत्याधुनिक हथियारों से लैस विमान भेजे, जिन्होंने दुश्मन के इलाके में जाकर इस मिशन को अंजाम दिया। बचाए गए अधिकारी एक कर्नल हैं, जो दुश्मनों से घिरे हुए थे, लेकिन अब सुरक्षित हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन एक और सफल मिशन के बाद हुआ, जिसमें एक अन्य अमेरिकी पायलट को भी सुरक्षित निकाला गया। खास बात यह रही कि दोनों ऑपरेशनों में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ। ट्रंप ने आगे कहा कि इन सफल ऑपरेशनों से साबित होता है कि अमेरिका ने ईरान के ऊपर एयर डॉमिनेंस और श्रेष्ठता हासिल कर ली है। उन्होंने इसे पूरे अमेरिका के लिए गर्व का क्षण बताया।
