US and EU trades deal: अमरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार समझौता हो गया है। इस ट्रेड डील के बारे में जानकारी देते हुए व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि समझौते के तहत ईयू अमेरिका से 750 अरब डॉलर की ऊर्जा खरीद करेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस डील को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने बताया कि ट्रेड डील के लिए अमेरिका की 18 बड़े देशों के साथ बातचीत चल रही है। व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के अनुरूप यह ट्रेड डील हुई है।
भारत के साथ ट्रेड डील पर जारी है गतिरोध
वहीं, भारत के साथ अभी अमेरिका की ट्रेड डील नहीं हो पाई है। रिपोर्टों के मुताबिक कृषि एवं डेयरी प्रोडक्ट क्षेत्र में व्यापार को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच 30 जुलाई को ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान कर दिया। भारतीय उत्पादों यह टैरिफ एक अगस्त से लागू हो गया।
व्यापार वार्ता में प्रगति न होने से ‘निराश’ हैं ट्रंप
अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ व्यापार वार्ता में प्रगति न होने से ‘निराश’ हैं और उन्हें लगता है कि भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क इस स्थिति का ‘समाधान और सुधार’’ करेगा। ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के आर्थिक सलाहकार ने बुधवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट ने ‘व्हाइट हाउस’ में कहा, ‘देखिए, भारत का बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए लगभग बंद रहा है और हम उनके लिए पूरी तरह खुले हैं। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ हमारी प्रगति से निराश हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि 25 प्रतिशत शुल्क इस स्थिति का समाधान और सुधार करेगा जो अमेरिकी लोगों के लिए अच्छा होगा।’
ट्रंप चाहते हैं-रूस से तेल न खरीदे भारत
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का भारत के साथ भारी व्यापार घाटा है और उन्होंने भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए रूस से अपने ‘अधिकतर’सैन्य उपकरण और ऊर्जा की खरीद करने के लिए भारत की आलोचना भी की। ट्रंप ने कहा, ‘याद रखिए भारत हमारा मित्र है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हमने उसके साथ अपेक्षाकृत कम व्यापार किया है क्योंकि उसके शुल्क बहुत ज्यादा हैं, दुनिया में सबसे ज़्यादा हैं और किसी भी देश की तुलना में भारत में सबसे कठोर और अप्रिय गैर-मौद्रिक व्यापार बाधाएं हैं।’
उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, उन्होंने हमेशा अपने सैन्य उपकरणों का एक बड़ा हिस्सा रूस से ही खरीदा है और चीन के साथ वह (भारत) रूस के ऊर्जा के सबसे बड़े खरीदार में से है, वो भी ऐसे समय में जब हर कोई चाहता है कि रूस यूक्रेन में हत्याएं रोके। यह सब ठीक नहीं है।’ट्रंप ने कहा, ‘इसलिए भारत एक अगस्त से 25 प्रतिशत शुल्क और उपरोक्त शुल्क के लिए जुर्माना अदा करेगा।’ रूसी तेल की खरीद पर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगने के सवाल पर हैसेट ने कहा कि ट्रंप और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर को इस बारे में अधिक जानकारी होगी।
