ईरान पर अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को किए गए हमले का आज एक महीना हो गया है। तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी भूमि का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए न होने दें। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने साफ कहा कि अगर किसी भी देश ने अमेरिका–इजराइल को ईरान पर हमला करने के लिए आधार उपलब्ध कराया, तो इसका परिणाम गंभीर होगा और तेहरान कड़े जवाबी कदम उठाएगा।
ईरान पहल नहीं करता, लेकिन...
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि ईरान पहल नहीं करता, लेकिन अगर उस पर आक्रमण किया जाता है तो वो फिर पीछे हटता भी नहीं है। ईरानी राष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि अगर ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो जोरदार जवाब दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के अन्य देशों को भी आगाह करते हुए लिखा कि अगर वे विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो अपने देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को युद्ध के लिए न करने दें।
गौरतलब है कि तेहरान की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि वो सिर्फ अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाता है। लेकिन खाड़ी देशों के अधिकारी इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि हमलों में होटल, एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों पर भी स्ट्राइक की जा रही है।
ईरान ने अमेरिकी सेना के दो गुप्त ठिकानों पर किया मिसाइल हमला
इस बीच, ईरानी सरकारी मीडिया फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि ईरान ने दुबई में अमेरिकी सेना के दो 'गुप्त ठिकानों' (secret hideouts) पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। एजेंसी के अनुसार, ये ठिकाने उन अमेरिकी सैनिकों के अस्थायी ठिकाने थे जो क्षेत्र में ईरानी हमलों के बाद यहां शिफ्ट किए गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन ठिकानों में 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक मौजूद थे।
आईआरजीसी से जुड़े अधिकारियों के हवाले से फार्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पहले इन ठिकानों की पहचान की गई और फिर सटीक और लक्षित हमले किए गए, जिनसे भारी नुकसान हुआ है।
अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रगाह बन जाएगा
वहीं, ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि इस जंग के बाद यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रिस्तान बन जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका–इजरायल के पास ईरान और उसके योद्धाओं की इच्छाशक्ति के आगे झुकने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
82वीं एयरबोर्न डिवीजन को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में पेंटागन
इधर, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स ने संकेत दिया है कि पेंटागन जल्द ही 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के एक हिस्से को मध्य पूर्व भेजने की तैयारी कर रहा है। सीबीएस न्यूज के अनुसार, वॉशिंगटन खाड़ी क्षेत्र में एक नए जमीनी अभियान, विशेषकर ईरान के खर्ग द्वीप पर कार्रवाई की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने द्वीप पर बारूदी सुरंगें बिछानी शुरू कर दी हैं और अतिरिक्त सैन्य बल तैनात कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
इराक के ऑयलफील्ड में गिरा ड्रोन
इस बीच इराक के रक्षा मंत्रालय ने ऑयलफील्ड में गिरे ड्रोन की जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि दक्षिणी हिस्से में स्थित मजनून ऑयलफील्ड में एक ड्रोन गिर गया, लेकिन वह फटा नहीं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। इराक के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। मजनून ऑयलफील्ड इराक के सबसे अहम तेल क्षेत्रों में से एक है।
