ईरान में अमेरिका और इजरायल की तरफ हमले लगातार जारी है और ईरान भी खाड़ी देशों में लगातार हमले कर रहा है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस ने ईरान युद्ध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चार उद्देश्य बताए हैं, जिन्हें पूरा करते ही जीत मान ली जाएगी। चलिए जानते हैं उन उद्देश्यों के बारे में और युद्ध के ताजा हालात के बारे में -
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलाइन लैविट (Karoline Leavitt) ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर चार स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं। उन्होंने बताया कि इन उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल करने के बाद ही 'जीत' मानी जाएगी। हालांकि, इसके लिए उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई और न ही योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
जीत के लिए ये हैं ट्रंप के चार लक्ष्य
- ईरान की नौसेना को पूरी तरह निष्क्रिय करना है, ताकि समुद्री क्षेत्र में उसकी सैन्य क्षमता सीमित की जा सके।
- ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करना है, जिसे अमेरिका क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
- अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान समर्थित क्षेत्रीय गुट और प्रॉक्सी अब अमेरिकियों या अमेरिकी हितों को नुकसान न पहुंचा सकें।
- डोनाल्ड ट्रंप का चौथा और सबसे अहम उद्देश्य यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
लेविट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इन लक्ष्यों को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी मानता है। हालांकि, यह भी तय है कि इन उद्देश्यों को हासिल करना आसान नहीं होगा और इससे पश्चिम एशिया में तनाव और लंबा खिंच सकता है। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि हम ईरान में बहुत अच्छी स्थिति में हैं और उनका नेतृत्व तेजी से खत्म हो रहा है।
लेविट कहा अमेरिका ने ईरान में 2000 से ज्यादा टार्गेट्स पर हमला किया है, इस दौरान उनकी सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स को नेस्तनाबूत किया गया है।
इधर इजरायल की सेना का कहना है कि उन्होंने दक्षिण लेबनान में हमलों की एक और अतिरिक्त लहर पूरी कर ली है। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने लितानी नदी के दक्षिण में हिजबुल्ला के रॉकेट और मिसाइल लॉन्च साइट को निशाना बनाया है। उधर हिजबुल्ला का भी दावा है कि उसने दक्षिण लेबनान के खियाम में इजरायली सेना पर रॉकेट हमले की दूसरी बौछार की है।
