Pakistan News : नवाज शरीफ के पाकिस्तान पहुंचते ही यहां सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आगामी चुनाव में पीएमएल-एन का मुकाबला करने के लिए दोनों दल साथ आ सकते हैं। जेल में बंद इमरान खान और पीटीआई को लेकर बिलावल भुट्टो के बयान इस ओर इशारा करते हैं। रिपोर्टों की मानें तो पीटीआई के नेताओं ने हाल में पीपीपी के नेताओं से मुलाकात की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में पीटीआई-पीपीपी में गठबंधन होने पर पीएमएल-एन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पीटीआई के नेताओं ने की फजलुर रहमान से मुलाकात
पीपीपी ने कहा है कि चुनाव में सभी दलों को समान अवसर मिलना चाहिए। इस बयान का पीटीआई ने स्वागत किया है। इमरान की पार्टी के नेताओं ने दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाओं से इंकार नहीं किया है। चुनाव में गठबंधन का दायरा बढ़ाने के लिए पीटीआई अन्य दलों के साथ भी संपर्क कर रही है। रिपोर्टों की मानें तो नेताओं का एक शिष्टमंडल गुरुवार को इस्लामाबाद में जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान से मिला। पीटीआई का इन मुलाकातों का मकसद चुनाव में समान अवसर को लेकर राजनीतिक दलों के बीच एक आम राय बनाना है।
अवमानना याचिका पर 15 नवंबर को सुनवाई
पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख 73-वर्षीय शरीफ, अपने चार साल के स्व-निर्वासन के बाद 21 अक्टूबर को लंदन से पाकिस्तान लौट आए थे। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने नवाज शरीफ के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई की तारीख 15 नवंबर तय की है।
अयोग्य घोषित हुए थे नवाज
शरीफ को 2018 में अपने बेटे की यूएई फर्म में वर्क परमिट रखने के लिए प्रधानमंत्री के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। अयोग्य ठहराये जाने के बाद शरीफ ने इस्लामाबाद से अपने गृहनगर लाहौर तक एक रोड शो किया और विभिन्न शहरों में कई भाषण दिए। उनके भाषणों की सामग्री को शीर्ष अदालत की अवमानना के रूप में देखा गया था।
