PoK Rawalakot Protest Eidgah Maidan: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस समय हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। रावलकोट के ऐतिहासिक ईदगाह मैदान में पिछले कई दिनों से हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी दिन-रात डटे हुए हैं। पाकिस्तानी प्रशासन के दमन और बुनियादी अधिकारों के हनन के खिलाफ स्थानीय जनता का यह गुस्सा अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी बीच, पाकिस्तान सरकार गिलगित-बाल्टिस्तान में तथाकथित चुनाव कराकर वहां अपनी नई सरकार गठन करने की फिराक में है, जिसे लेकर भारत सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है।
रात के अंधेरे में चमकीं 70,000 फ्लैशलाइट्स, गूंजे आजादी के नारे
रावलकोट से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब चरम पर पहुंच गया है। देर रात हुए एक विशाल प्रदर्शन में करीब 70 हजार लोगों ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण लेकिन बेहद आक्रामक विरोध दर्ज कराया।
अत्याचार और बल प्रयोग के आरोप: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने स्थानीय युवाओं पर बेरहमी से बल प्रयोग किया है।
युवाओं के लापता होने से आक्रोश: स्थानीय नेताओं का दावा है कि पुलिसिया कार्रवाई में कई लोग हताहत हुए हैं और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कई कश्मीरी युवा अचानक लापता हो गए हैं, जिन्हें पाकिस्तानी एजेंसियों ने अवैध हिरासत में रखा है।
गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान का पॉलिटिकल ड्रामा
एक तरफ जहां PoK की जनता सड़कों पर है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की मुख्यधारा की पार्टियां वहां सत्ता हथियाने के फॉर्मूले तैयार कर रही हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने गिलगित-बाल्टिस्तान में तथाकथित मुख्यमंत्री पद के लिए पेशे से वकील अमजद हुसैन के नाम की घोषणा की है। अमजद हुसैन पहले भी इस क्षेत्र की विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं।PPP और PML-N का गठबंधन
हाल ही में हुए तथाकथित चुनावों में PPP 24 सदस्यीय विधानसभा में 12 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। अब वह पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बना रही है। समझौते के तहत मुख्यमंत्री पद PPP को मिलेगा, जबकि राज्यपाल और उपाध्यक्ष का पद नवाज शरीफ की पार्टी PML-N के खाते में जाएगा।
भारत का दोटूक रुख: अवैध कब्जे वाले भूभाग पर चुनाव मंजूर नहीं
पाकिस्तान की इस पूरी राजनीतिक कवायद पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। भारत ने जून में गिलगित-बाल्टिस्तान में कराए गए इन तथाकथित चुनावों को लेकर पाकिस्तान के समक्ष आधिकारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
विदेश मंत्रालय का स्पष्ट मत: भारत का हमेशा से यह दृढ़ रुख रहा है कि गिलगित-बाल्टिस्तान और PoK सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र, साल 1947 में हुए 'पूर्ण, वैध और अपरिवर्तनीय विलय' के आधार पर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। पाकिस्तान ने इस पूरे भूभाग पर 'अवैध और बलपूर्वक' कब्जा कर रखा है, इसलिए वहां कराया गया कोई भी तथाकथित चुनाव पूरी तरह अवैध है और भारत उसे सिरे से खारिज करता है।
