पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में चुनाव से पहले हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दूसरे चरण के मतदान से पहले मुजफ्फराबाद में हिंसा और झड़पों के बाद लोगों में डर और चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ताजा हिंसा चुनाव प्रक्रिया पर असर डाल सकती है। रविवार (2 अगस्त) को PoJK के कई इलाकों में तीन चरणों वाले चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान होना है।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों ने हालात बिगाड़ दिए। पिछले चार दिनों में पाकिस्तानी सेना की कब्जे वाले क्षेत्र में की गई क्रूर कार्रवाई में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं, सैकड़ों घायल हुए हैं।
पथराव और भारी सुरक्षा
शनिवार को मुजफ्फराबाद की सड़कों पर जले हुए वाहन, पत्थरों से अटी सड़कें और भारी संख्या में तैनात सुरक्षा बल दिखाई दिए। झड़पों के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा के कारण आम नागरिकों में भय का माहौल है और उन्हें आशंका है कि इसका असर मतदान पर पड़ सकता है।
तीन चरणों में हो रहे हैं चुनाव
PoJK में चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। इस सप्ताह चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी ऐक्शन लीग (JAAC) के झंडे तले हो रहे इस प्रदर्शन में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसी ही एक रैली में JAAC चीफ सरदार अमन खान ने मुनीर सेना को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर फौज को अपनी लोकप्रियता पर जरा भी भरोसा है, तो उन्हें वर्दी उतारकर जनता का सामना करना चाहिए। उन्हें अपनी हैसियत पता लगने में जरा भी समय नहीं लगेगा।
भारत ने जाहिर की है चिंता
इससे पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की जनता के साथ हो रही अत्याचार पर भारत सरकार चिंता जाहिर कर चुकी है। विदेश मंत्रालय (MEA) की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व के कई प्रमुख मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के हालातों से लेकर रूसी सेना में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षित वापसी तक पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थानीय लोगों पर पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा किए जा रहे बल प्रयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में 40 से अधिक मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जायसवाल ने बताया कि वहां के नागरिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से निष्पक्ष जांच की गुहार लगा रहे हैं। भारत ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान के इस रवैये पर ध्यान दे और उसे नागरिकों पर हो रहे जुल्मों के लिए जवाबदेह ठहराए।
