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भारत और CARICOM के बीच संबंध मजबूत करने का प्लान तैयार! पीएम मोदी ने रखे ये 7 प्रमुख प्रस्ताव

PM Modi in Guyana: पीएम मोदी ने भारत और कैरिकॉम के बीच संबंध मजबूत करने के लिए सात मुख्य बातों का प्रस्ताव रखा। भारतीय प्रधानमंत्री ने गुयाना में दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में कैरिकॉम नेताओं के साथ की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि यह शिखर सम्मेलन कैरेबियाई देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने, विविध क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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पीएम मोदी ने भारत-कैरिकॉम के संबंधों को लेकर रखे ये 7 प्रमुख प्रस्ताव।

India-CARICOM Summit: व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर जोर देते हुए कैरेबियाई देशों के साथ बातचीत के दौरान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और कैरिकॉम के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए सात मुख्य बातों का प्रस्ताव रखा। बुधवार को गुयाना पहुंचे मोदी ने यह टिप्पणी उस समय की, जब वह यहां दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए। मोदी बुधवार को गुयाना पहुंचे। यह 50 साल से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की गुयाना की पहली यात्रा है।

सहयोग को बढ़ावा देने के लिए क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने आर्थिक सहयोग, कृषि और खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स तथा विज्ञान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा करते हुए ये लिखा कि 'गुयाना में दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन (India-CARICOM Summit) में कैरिकॉम नेताओं के साथ। यह शिखर सम्मेलन कैरेबियाई देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने, विविध क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम सब मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं!'

संबंधों को मजबूत करने के लिए सात प्रमुख बातों का प्रस्ताव

शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और 'कैरिकॉम' के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए सात प्रमुख बातों का प्रस्ताव रखा। मोदी ने यह भी कहा कि, 'पांच ‘टी’- व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्रतिभा और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए, सभी देशों के निजी क्षेत्र और हितधारकों को जोड़ने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा सकता है।' मोदी ने कहा, 'भारत एसएमई (लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। पिछले साल भारत-कैरिकॉम बैठक के दौरान, हमने एसएमई क्षेत्रों के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर के अनुदान की घोषणा की थी। हमें अब इसके कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

क्या है CARICOM, जानें इससे जुड़ी खास बातें

कैरिकॉम (कैरेबियाई समुदाय और साझा बाजार) एक क्षेत्रीय समूह है। कैरिकॉम के शासनाध्यक्षों और प्रधानमंत्री मोदी की पिछली मुलाकात 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें सत्र से इतर हुई थी, जहां उन्होंने भारत से 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन में सहयोग के तौर-तरीकों पर चर्चा की थी। मोदी का हवाई अड्डे पर गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली, उनके समकक्ष मार्क एंथनी फिलिप्स और 12 से अधिक कैबिनेट मंत्रियों ने स्वागत किया जबकि होटल में ग्रेनेडा के प्रधानमंत्री डिकॉन मिशेल और बारबाडोस की एम ए मोटली से उनकी मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने यहां पहुंचने पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'गुयाना में मेरा स्वागत हमेशा मेरी यादों में रहेगा। मुझे आपसे, ग्रेनेडा के प्रधानमंत्री डिकॉन मिशेल और बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली और गुयाना के कैबिनेट मंत्रियों से मिलकर बहुत खुशी हुई।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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