प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंच गए हैं। पीएम मोदी यहां एससीओ समिट में शामिल होंगे। साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच पीएम मोदी का चीन दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन जाने से पहले पीएम मोदी जापान के दौरे पर थे।
पीएम मोदी पहुंंचे चीन
मोदी मुख्य रूप से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 31 अगस्त और एक सितंबर को आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन में हैं। हालांकि, उनके रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करने का भी कार्यक्रम है। चीन पहुंचने पर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- "चीन के तियानजिन पहुंच गया हूं। एससीओ शिखर सम्मेलन में विचार-विमर्श और विभिन्न विश्व नेताओं से मुलाकात के लिए उत्सुक हूं।"
मोदी और चिनफिंग की बैठक अहम
मोदी और चिनफिंग की बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि भारत और चीन ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार में उपजे तनाव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं। बैठक में मोदी और चिनफिंग के भारत-चीन आर्थिक संबंधों का जायजा लेने तथा पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के बाद रिश्तों में बढ़ी तल्खी को दूर करने के उपायों पर विचार-विमर्श करने की संभावना है।
चीन के साथ मजबूत संबंध पर मोदी का जोर
तियानजिन की यात्रा से पहले मोदी ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। जापानी अखबार 'द योमिउरी शिंबुन' को शुक्रवार को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत और चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमानित और मैत्रीपूर्ण संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा था, “विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए, भारत और चीन जैसी दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का मिलकर काम करना आवश्यक है, ताकि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाई जा सके।”
