PM Modi's address to Ghana Parliament : अपने पांच देशों की यात्रा के पहले चरण में घाना पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वहां की संसद को संबोधित किया। अपने इस संबोधन में उन्होंने दोनों देशों के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और घाना दोनों के अतीत पर उपनिवेश के 'दाग' हैं लेकिन दोनों देशों की भावना हमेशा स्वतंत्र एवं भयमुक्त रही। भारत और घाना दोनों अपनी समृद्ध विरासत से प्रेरणा और ताकत ग्रहण करते हैं। पीएम ने कहा कि 'हमारी दोस्ती शुगर लोफ पाइनएपल से ज्यादा मीठी है।'
वैश्विक प्रशासन में प्रभावी सुधार की जरूरत-पीएम
संसद को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि 'दुनिया जलवायु परिवर्तन, महामारी, आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसी जटिल समस्याओं से जूझ रही है। पिछली शताब्दी में बनाए गए संस्थान आज की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। वैश्विक प्रशासन में विश्वसनीय एवं प्रभावी सुधार करने की जरूरत है। ग्लोबल साउथ को आवाज दिए बगैर उन्नति नहीं हो सकती। हमें इस बात का गर्व है कि हमारी अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ जी-20 का स्थायी सदस्य बना।'
'स्पेस में भारत की कामयाबी की लम्हों से जुड़ा है अफ्रीका'
पीएम ने आगे कहा, 'अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी के लम्हों से अफ्रीका जुड़ा हुआ है। भारत का चंद्रयान जब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा तो उस समय मैं अफ्रीका में था और आज जब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भारत का एक अंतरिक्षयात्री प्रयोग कर रहा है तो भी मैं अफ्रीका में हूं।' पीएम ने कहा कि भारत के लोगों ने शांति, सुरक्षा एवं विकास में अपनी आस्था जताई है। पिछले साल उन्होंने लगातार तीसरी बार उसी सरकार को सत्ता की कमान सौंपी। भारत मं ऐसा करीब छह दशकों के बाद हुआ। भारत अब जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
घाना के सांसदों को भारत आने का निमंत्रण
पीएम ने कहा, 'मैं आप लोगों को भारत की नई संसद देखने का निमंत्रण देता हूं। आप देखेंगे कि हमने संसद और विधानसभाओं की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी हैं।'
