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Video:'भारत विस्तारवाद नहीं, विकासवाद की नीति पर...इंडोनेशिया की संसद से पीएम मोदी का संदेश

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के विस्तारवादी रवैये को लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती चिंता के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया की संसद में कहा कि भारत विकास का रास्ता अपनाता है, विस्तारवाद का नहीं।

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इंडोनेशिया की संसद से पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया इस मौके पर उन्होंने कहा कि आपके बीच आना मेरे लिए बहुत सौभाग्य का विषय है। मैं 140 करोड़ भारतवासियों के प्रतिनिधि के रूप में, मदर ऑफ डेमोक्रेसी के एक भाग्यशाली नागरिक के रूप में सभी भारतीयों की तरफ से आपको शुभकामनाएं देता हूं। इंडोनेशिया के लोगों ने, यहां के प्यारे बच्चों ने, युवाओं और महिलाओं ने आज के दिन को मेरे जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक दिन बना दिया है। आज की सुबह जिस तरह इंडोनेशिया के लोगों ने मुझे अपना प्रेम दिखाया है, जिस तरह स्वागत किया है, वो मैं कभी भूल नहीं सकता।'

पीएम मोदी ने कहा 'भारत, दुनिया का वो देश है, जो विस्तारवाद नहीं, विकासवाद की नीति पर चलता है और इसलिए हम भारत में कहते हैं सबका साथ-सबका विकास। आज मैं यही मंत्र, यही भावना लेकर इंडोनेशिया के आप सभी सांसद सदस्यों के बीच आया हूं।'

पीएम मोदी ने कहा 'भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, मदर ऑफ डेमोक्रेसी है, और इंडोनेशिया दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी डेमोक्रेसी है।भारत में सैकड़ों भाषाएं और अनेक परंपराएं हैं, तो इंडोनेशिया में भी सैकड़ों भाषाएं और अनेक परंपराएं हैं।भारत वसुधैव कुटुम्बकम् का मंत्र है, तो इंडोनेशिया में भिन्नेका तुंगल एक्का का विचार है। हम दोनों ने अपने लोकतंत्र में इस विविधता को ही अपनी एकता की नींव बना लिया है।'

'समुद्र हमारे बीच एक सेतु है'

पीएम मोदी ने कहा- 'हमारी राजधानियां भले ही हजारों किमी दूर हों लेकिन समुद्र में हमारे बीच केवल 150 किमी की ही दूरी है।दूसरे देशों में समुद्र भले ही सीमाओं और दूरियों का कारण रहा है। लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्र दूरी का प्रतीक नहीं रहा, समुद्र हमारे बीच एक सेतु है। ये हमारे साझा भविष्य का केंद्र है।'

'हमारा संबंध रामायण और महाभारत की विरासत से है'

पीएम मोदी ने आगे कहा- 'इंडिया और इंडोनेशिया सिर्फ समुद्र शेयर नहीं करते, हमारी हिस्ट्री भी शेयर्ड है। हमारा संबंध रामायण और महाभारत की विरासत से है। हमारा संबंध सदियों पहले नालंदा के ज्ञान से है। हमारा संबंध वायांग नृत्य और संगीत से है। हम बोरोबुदुर और प्रामबानन जैसी अद्भुत स्मारकों से जुड़े हैं, हम इंडोनेशिया के राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ से जुड़े हैं, हम बाली के जात्रा के उत्सव और उसके उल्लास से जुड़े हैं। जब हम स्वाद की बात करते हैं तो क्रुपुक और पापड़ है, कौन ज्यादा क्रंची है, ये कहना कठिन हो जाता है, लेकिन ये बात तो तय है कि मसाला और बुंबू दोनों हमारे जीवन में फ्लेवर लाते हैं।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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