Pakistan Navy: पाकिस्तान की सेना ने गुरुवार को बताया कि नौसेना ने स्वदेश में विकसित एक नई, जहाज से दागी जाने वाली एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। एक बयान में सेना ने कहा कि एक 'लाइव फायरिंग' अभ्यास के दौरान मिसाइल ने 'तेज गति से और लंबी दूरी से अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदा।' इस अभ्यास को नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने और इस कार्यक्रम से जुड़े वैज्ञानिकों व इंजीनियरों के साथ मिलकर देखा।
बयान में कहा गया है कि यह मिसाइल पिछले सिस्टम्स के मुकाबले कहीं अधिक उन्नत है। इसमें एक 'एडवांस्ड गाइडेंस पैकेज' और बेहतर 'मैन्यूवरेबिलिटी' (दांव-पेच की क्षमता) है, जिसे 'खतरों से बचने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार ढलने और पूरी सटीकता व मारक क्षमता के साथ लक्ष्य को भेदने' के लिए डिजाइन किया गया है। सेना ने इस प्रक्षेपण को देश की 'सटीक-हमला क्षमता' (precision-strike capability) का एक प्रदर्शन बताया।
बयान में यह भी कहा गया कि इस परीक्षण ने नौसेना की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है, जिसके तहत वह पारंपरिक क्षेत्र में 'समुद्र-आधारित विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता' (credible sea-based deterrence) बनाए रखने और इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
भारत करने वाला था हमला
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना अक्सर स्वदेश में विकसित मिसाइलों का परीक्षण करती रहती है। लेकिन इसके पीछे क्या कारण है, वो है पाकिस्तान का डर। इंडियन नेवी ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान पर हमला करने वाली थी। भारत के नौसेना प्रमुख, एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना समुद्र के रास्ते पाकिस्तान पर हमला करने से बस कुछ ही मिनट दूर थी, तभी पड़ोसी देश ने सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया। कुछ समय पहले नौसेना अलंकरण समारोह में नौसेना प्रमुख ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय नौसेना की अनुकरणीय तत्परता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया, क्योंकि हमारी इकाइयों ने तेजी से तैनाती की और पूरी अवधि के दौरान बेहद आक्रामक रुख बनाए रखा। अब यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि हम समुद्र के रास्ते पाकिस्तान पर हमला करने से बस कुछ ही मिनट दूर थे, जब उन्होंने (पाकिस्तान) सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया।'
