भारत इस समय जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। इस दौरान देश के कई शहरों में इसकी बैठकें आयोजित हो रही है। इन्हीं में से जी-20 की मीटिंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में होना है। जिसे लेकर पाकिस्तान आपत्ति जता रहा था, अब भारत ने पाकिस्तान की इन आपत्तियों पर कड़ा जवाब दिया है।
भारत का जवाब
भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है, इसलिए वो वहां कोई भी मीटिंग कर सकता है या करा सकता है। इससे पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान बेवजह इस पर बयान दे रहा है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस मामले पर एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि जी20 की मीटिंग्स देश के हर क्षेत्र में आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में जी-20 की बैठकों का जम्मू कश्मीर और लद्दाख में आयोजित होना स्वभाविक है। ये क्षेत्र भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। बागची ने कहा- " मैं कहूंगा कि हम ये बैठकें हर क्षेत्र में आयोजित कर रहे हैं। यह स्वभाविक है कि हम इसका आयोजन वहां (जम्मू कश्मीर, लद्दाख में) भी करें।"
पाकिस्तान ने क्या कहा था
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में अगले महीने जी-20 पर्यटन कार्यकारी समूह की बैठक आयोजित करने के भारत के फैसले पर मंगलवार को आपत्ति जतायी थी। उसने इसे 'स्वयं की हित पूर्ति' वाला कदम बताया था। उसने लेह में यूथ-20 फोरम की बैठक आयोजित करने पर भी एतराज जताया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था- "22-24 मई 2023 को श्रीनगर में जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक आयोजित करने के भारत के फैसले पर पाकिस्तान कड़ी आपत्ति जताता है। लेह और श्रीनगर में युवा मामलों (वाई-20) से संबंधित एक सलाहकार मंच की दो अन्य बैठकें... समान रूप से परेशान करने वाली हैं।"
भारत को मिली है अध्यक्षता
भारत को पिछले साल दिसंबर में एक साल के लिए जी-20 की अध्यक्षता मिली थी। भारत का जोर सितंबर की शुरुआत में नई दिल्ली में समूह के नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने पर है। जी-20 विश्व की प्रमुख 20 विकसित एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक संगठन है।
