Iran Pakistan Trade: पाकिस्तान ने ईरान के लिए सामान ढुलाई हेतु 6 जमीनी रास्ता खोल दिया है। यानि तीसरे देश का सामान ईरान में पाकिस्तान के रास्ते जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री आराघची के पाकिस्तान दौरे के दौरान यह फैसला हुआ है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स पाकिस्तान (Ministry of Commerce Pakistan) ने ट्रांजिट ऑर्डर 2026 तुरंत लागू किया है। इसके तहत मेन रूट ग्वादर, पोर्स कासिम, ओरमरा (Ormara), पासनी, गब्द, तफ्तान, क्वेटा और खुददार के रास्ते ईरान का सामान पाकिस्तान जाएगा। कराची पोर्ट पर पिछले कुछ दिनों से ईरान जाने वाले 3,000 से ज्यादा कंटेनर फंसे हैं।
आदेश के अनुसार, माल के परिवहन के लिए ये रूट निर्धारित किए गए हैं:
- ग्वादर-गब्द
- कराची/पोर्ट कासिम-ल्यारी-ओरमारा-पासनी-गब्द
- कराची/पोर्ट कासिम- खुजदार-दलबंदिन-ताफ्तान
- गवादर-तुर्बत-होशब-पंजगुर-नग्ग-बेसिमा-खुजदार-क्वेटा/लकपास-दलबंदिन-नोकुंडी-ताफ्तान
- ग्वादर-लियारी-खुजदार-क्वेटा/लकपास-दलबंदिन-नोकुंडी-ताफ्तान
- कराची/पोर्ट कासिम-ग्वादर-गब्द
3,000 से अधिक कंटेनर कराची बंदरगाह पर अटके
इस बीच, यह बताया गया है कि ईरान जाने वाले 3,000 से अधिक कंटेनर पिछले कुछ दिनों से कराची बंदरगाह पर अटके हुए हैं। यह खबर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच जारी होर्मुज जलडमरूमध्य (जो शांति काल में दुनिया के एक-पांचवें तेल और गैस आपूर्ति का मार्ग था) और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के संदर्भ में आई है।
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों से शुरू हुआ यह संघर्ष फिलहाल रुका हुआ है क्योंकि युद्धविराम अभी भी प्रभावी है। वाणिज्य मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि अधिसूचना के तहत माल परिवहन सीमा शुल्क अधिनियम, 1969, उसके तहत बनाए गए नियमों और संघीय राजस्व बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के प्रावधानों के अनुसार विनियमित किया जाएगा।

Gwador port
यह आदेश किसी तीसरे देश के क्षेत्र से भेजे गए और पाकिस्तान के क्षेत्र से होकर ईरान के क्षेत्र में किसी स्थान के लिए जाने वाले परिवहन इकाइयों में पारगमन माल के परिवहन पर लागू होगा। मंत्रालय ने कहा कि यह आदेश जून 2008 में पाकिस्तान सरकार और ईरान सरकार के बीच सड़क मार्ग से यात्रियों और माल के अंतर्राष्ट्रीय परिवहन पर हुए समझौते के अनुच्छेद 2 के अनुसरण में और आयात एवं निर्यात (नियंत्रण) अधिनियम, 1950 की धारा 3 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में जारी किया गया है। यह आदेश 25 अप्रैल से प्रभावी हो गया है।
इस आदेश के तहत, माल परिवहन को क्रॉस-स्टफिंग के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसका अर्थ है माल को एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर में स्थानांतरित करना या परिवहन के किसी अन्य माध्यम से स्थानांतरित करना, जो संबंधित सीमा शुल्क कानूनों और विनियमों के तहत अनुमत हो।
