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इंजेक्शन देकर मार सकते हैं मुझे: 24 घंटे वॉशरूम नहीं जाने दिया, Imran Khan ने जताई हत्या की आशंका

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 10, 2023, 04:44 PM IST

Imran Khan Arrest News: इमरान खान ने कहा है कि उन्हें गिरफ्तारी के बाद 24 घंटे तक वॉशरूम तक नहीं जाने दिया गया। उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए कहा है कि पुलिस कस्टडी में उन्हें इंजेक्शन देकर हत्या की साजिश रची जा सकती है।

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इमरान खान

Photo : BCCL

Imran Khan Arrest News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पूरा मुल्क सुलग रहा है। इमरान के समर्थक सड़क पर हैं और हिंसक प्रदर्शन जारी है। इस बीच इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाते हुए कहा है कि पुलिस कस्टडी में उनकी हत्या की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान ने अपनी याचिका में हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि गिरफ्तारी के बाद से मुझे 24 घंटे तक वाशरूम तक नहीं जाने दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें इंजेक्शन (स्लो प्वाइजन) देकर मारा जा सकता है। इमरान खान के वकील की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट का आदेश संविधान के अनुच्छेद 10 ए के खिलाफ है ओर NAB के चेयरमैन द्वारा जारी गिरफ्तारी का वारंट अवैध है।

पाकिस्तान में उतारी गई आर्मीइमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। कई सरकारी इमारतों तक को प्रदर्शनकारी निशाना बना रहे हैं। पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, साथ ही धारा 144 भी लागू है। इस बीच पाकिसतान के पंजाब प्रांत में हालात पुलिस की पकड़ से बाहर चले गए हैं। ऐसे में शहबाज शरीफ सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब की सड़कों पर आर्मी को उतारा है।

चीन ने दी थी पहले ही चेतावनी

पाकिस्तान में उथल-पुथल के बीच खबर है कि चीन ने राजनीतिक अस्थिरता को लेकर पाकिस्तान सरकार को पहले ही चेतावनी दी थी। पाकिस्तान में बीते शनिवार को चीन के विदेश मंत्री किन गांग ने कहा था कि तरक्की के लिए पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता बहुत जरूरी है, एक गलत कदम से राजनीतिक अस्थिरता फैल सकती है। हालांकि, इसके दो दिन बाद ही पाकिस्तान सरकार ने इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर हिंसा जारी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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