पाकिस्तान में आर्मी और सरकार में फिर ठनी, इस बार बांग्लादेश बना वजह; जानिए पूरा मामला

1971 की जंग के बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ था। इस जंग में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया था और उसके 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण के बाद युद्धबंदी बना लिया था। जिसके बाद बांग्लादेश का उदय हुआ था। इस जंग में पाकिस्तान के साथ अमेरिका खड़ा था। वहीं भारत की मदद रूस ने की थी।

Updated Dec 2, 2022 | 11:03 AM IST

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पाकिस्तान में बांग्लादेश को लेकर बवाल (फोटो- एपी)

पाकिस्तान में आर्मी और सरकार के बीच एक बार फिर से तनातनी देखने को मिल रही है। इस बार वजह बना है बांग्लादेश, जो कभी पाकिस्तान का हिस्सा था और उसे ईस्ट पाकिस्तान कहा जाता था, लेकिन बाद में पाकिस्तान के इस हिस्से को भारत ने तोड़ कर एक अलग देश बना दिया।
तब से लेकर अब तक पाकिस्तान में इस बात को लेकर बहस होती रही है कि इसमें किसी गलती थी, सेना की या सरकार की? इस पर समय-समय पर विवाद होता रहा है, इस बार यह विवाद पाक सेना के प्रमुख के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जब उन्होंने अपने विदाई भाषण में बांग्लादेश के निर्माण के लिए सरकार को दोषी ठहरा दिया था। इसके बाद अब सरकार की ओर से भी पलटवार हुआ है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि बांग्लादेश के निर्माण में सेना की विफलता थी, राजनीति की नहीं।
बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपनी पार्टी के इतिहास को याद करते हुए कहा कि जब जुल्फिकार अली भुट्टो ने पाकिस्तान की गद्दी संभाली तब लोग टूटे हुए थे, सभी ने उम्मीदें खो दी थीं। उन्होंने कहा- "उन्होंने राष्ट्र का पुनर्निर्माण किया, लोगों के विश्वास को बहाल किया और अंत में हमारे 90,000 सैनिकों को - जिन्हें 'सैन्य विफलता' के कारण युद्धबंदी बना दिया गया था - वापस घर ले आए। उन 90,000 सैनिकों को उनके परिवारों से मिला दिया गया। यह सब आशा, एकता और समावेश की राजनीति के कारण संभव हुआ है।"
बता दें कि 29 नवंबर को अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले, जनरल बाजवा ने पूर्वी पाकिस्तान के लिए राजनीतिक को दोष दिया था। उन्होंने कहा था कि उस जंग में सैनिकों के बलिदान को देश द्वारा ठीक से स्वीकार नहीं किया गया।
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