Pakistan News: पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बीच सरकार गठन को लेकर जारी बातचीत आखिरकार रंग लाई और दोनों दलों के बीच नयी गठबंधन सरकार बनाने को लेकर समझौता हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने मंगलवार देर रात एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ (72) प्रधानमंत्री पद संभालेंगे, वहीं पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ जरदारी (68) दूसरी बार देश के राष्ट्रपति बनेंगे।
बिलावल ने कहा, हमारे पास पर्याप्त संख्या बल
बिलावल ने कहा, पीपीपी और पीएमएल-एन के पास पर्याप्त संख्या बल है और हम सरकार बनाने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समर्थित उम्मीदवार और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (SIC) केंद्र में सरकार बनाने के लिए संसद में बहुमत हासिल नहीं कर सके। इस दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि पीपीपी के साथ सरकार बनाने के लिए उनकी पार्टी पीएमएल-एन के पास अब आवश्यक संख्या बल है। साथ ही उन्होंने वार्ता के सकारात्मक निष्कर्ष के लिए दोनों दलों के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री खान की पार्टी पीटीआई ने एक्स पर एक पोस्ट में पीपीपी और पीएमएल-एन गठबंधन पर निशाना साधा है।
इमरान समर्थित उम्मीदवारों ने जीतीं सबसे अधिक सीटें
पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने सबसे अधिक सीटें जीतीं। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 101 सीट पर जीत दर्ज की। वहीं, तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 75 सीट जीतकर तकनीकी रूप से संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके अलावा बिलावल जरदारी भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को 54 सीट मिलीं, जबकि विभाजन के दौरान भारत से आए उर्दू भाषी लोगों की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (MQM-P) ने 17 सीटें जीतीं। बाकी 12 सीटों पर अन्य छोटे दलों ने जीत हासिल की।
चुनाव में धांधली का आरोप
पाकिस्तान नेशनल असेंबली में कुल 265 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 133 सीटों की जरूरत होती है। पीटीआई समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवारों ने वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ से संबद्ध स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी पीपी-164 और एनए-118 के परिणामों को चुनौती देते हुए लाहौर उच्च न्यायालय का रुख किया। गुरुवार को हुए चुनाव के नतीजों की घोषणा में असामान्य देरी के कारण कई दलों ने देश भर में हंगामा और विरोध-प्रदर्शन किया।
