5,000 टन के युद्धपोत का अनावरण
उत्तर कोरिया ने पिछले सप्ताह 5,000 टन के युद्धपोत का अनावरण किया था, जो उसके युद्धपोत उद्योग में निर्मित सबसे शक्तिशाली हथियारों से लैस है। किम जोंग ने कहा कि यह उनके परमाणु-सशस्त्र सेना की परिचालन सीमा और हमला क्षमताओं का विस्तार करने के उनके लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बुधवार को कहा कि किम ने इस सप्ताह की शुरुआत में विध्वंसक पोत की सुपरसोनिक और रणनीतिक क्रूज मिसाइलों, विमान-रोधी मिसाइल, स्वचालित तोपों और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग तोपों के परीक्षणों को देखा।
किम जोंग उन भी रहा मौजूद
रिपोर्ट में कहा गया है कि किम ने शक्तिशाली हमलावर हथियारों और पारंपरिक सुरक्षा के संयोजन के लिए पोत की सराहना की और अपनी नौसेना के परमाणु-सशस्त्रीकरण में तेजी लाने के लिए कार्य निर्धारित किए। पोत के लॉन्चिंग समारोह के दौरान किम ने कहा कि विध्वंसक पोत को अगले साल की शुरुआत में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी हासिल करना उनकी नौसेना को मजबूत करने की दिशा में उनका अगला बड़ा कदम होगा। उन्होंने उत्तर कोरिया की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि उत्तर कोरिया को निशाना बनाकर अमेरिका के नेतृत्व में बढ़ रही शत्रुता से निपटा जा सके।
रूस के साथ बढ़ रहा सैन्य सहयोग
कोरियाई प्रायद्वीप पर दुश्मनी चरम पर है क्योंकि उत्तर कोरिया अपने हथियारों का प्रदर्शन जारी रखे हुए है और रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। सोमवार को उत्तर कोरिया ने पहली बार पुष्टि की कि उसने यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध प्रयासों का समर्थन करने के लिए रूस में लड़ाकू सैनिकों को भेजा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया को धन्यवाद दिया और वादा किया कि वे रूस के लिए उत्तर कोरियाई सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे।
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और साझेदारों देशों का कहना है कि उत्तर कोरिया रूस को भी भारी मात्रा में पारंपरिक हथियार मुहैया करा रहा है। उन्हें चिंता है कि रूस बदले में उत्तर कोरिया को उच्च तकनीक वाले हथियार मुहैया कराएगा जो उसके परमाणु कार्यक्रम को बढ़ा सकते हैं और साथ ही अन्य सैन्य और आर्थिक सहायता भी भेज सकते हैं।
