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अपने पहले ICBM टेस्ट पर उत्तर कोरिया बोला-अमेरिका को 'सख्त संदेश' देने के लिए किया परीक्षण

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 17, 2023, 07:33 AM IST

North Korea ICBM test : इस मिसाइल टेस्ट पर दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से सुबह करीब सात बजकर 10 मिनट पर प्रक्षेपित किए जाने के बाद आईसीबीएम ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी जल क्षेत्र की ओर उड़ान भरी।

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उत्तर कोरिया ने अपने आईसीबीएम टेस्ट को जायज ठहराया है।

Photo : ANI

North Korea ICBM test : उत्तर कोरिया ने कहा है कि गुरुवार को उसके द्वारा अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण अमेरिका और दक्षिण कोरिया को एक 'सख्त चेतावनी' देने के लिए किया गया। एक प्रेस रिलीज में उत्तर कोरिया ने कहा है कि 'दोनों देश बड़े पैमाने पर आक्रामक युद्धाभ्यास का आयोजन कर उसे उकसा रहे हैं।' बता दें कि उत्तर कोरिया ने ह्वसोंगफो-17 नाम की आईसीबीएम मिसाइल का परीक्षण किया है।

KCNA ने बयान जारी कर टेस्ट को जायज बताया

उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA ने कहा, 'अमेरिका और दक्षिण कोरिया के उन्मादी, उकसावे वाली एवं आक्रामक युद्धाभ्यास के जरिए कोरियाई प्रायद्वीप में अत्यधिक अस्थाई सुरक्षा का माहौल बनाया जा रहा है। इससे हालात काफी खराब हो गए हैं। यह डीपीआरके के खिलाफ है। इसे देखते हुए वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने 16 मार्च को आईसीबीएम ह्वासोंगफो-17 का परीक्षण किया।'

पहली बार ICBM का परीक्षण

बता दें कि उत्तर कोरिया कोरिया की ओर से पिछले एक महीने में किया गया किसी आईसीबीएम का यह पहला, जबकि किसी हथियार का तीसरा परीक्षण है।

दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सैनिकों के संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी रखने के बीच ये परीक्षण किए जा रहें है। इस मिसाइल टेस्ट पर दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से सुबह करीब सात बजकर 10 मिनट पर प्रक्षेपित किए जाने के बाद आईसीबीएम ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी जल क्षेत्र की ओर उड़ान भरी। बयान के मुताबिक, आईसीबीएम ने कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच के जलक्षेत्र में उतरने से पहले करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय की।

जापान और दक्षिण कोरिया के बीच बातचीत

इस बीच, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने बृहस्पतिवार को तोक्यो में शिखर वार्ता शुरू की। दोनों देशों के बीच एक दशक से अधिक समय के बाद पहली बार शिखर वार्ता हो रही है। किशिदा ने टोक्यो रवाना होने से पहले कहा था, ‘उत्तर कोरिया को लापरवाही भरे उकसावों की कीमत चुकानी पड़ेगी।’

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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