दुनिया

क्या करने जा रहे किम-जोंग-उन? दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के सैन्य अभ्यास के बीच दाग दीं दो बैलिस्टिक मिसाइल

North Korea Fired Ballistic Missile: दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान का संयुक्त अभ्यास शनिवार को समाप्त हुआ, इसमें लड़ाकू जेट और युद्धपोत शामिल थे। एक अमेरिकी विमानवाहक पोत भी शामिल था। उत्तर कोरिया ने इस सैन्य अभ्यास की निंदा करते हुए कहा था कि देश इसके खिलाफ आक्रामक और भारी जवाबी कार्रवाई करेगा।

Image

Kim Jong Un

Photo : AP

North Korea Fired Ballistic Missile: दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास के बीच उत्तर कोरिया ने फिर से बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने सोमवार को पूर्व की दिशा में दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। कहा गया है कि दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में ये कार्रवाई की गई है।

दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि दक्षिण ह्वांगहे प्रांत के जंगयोन क्षेत्र से सोमवार सुबह करीब 5:05 बजे उत्तर-पूर्वी दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई। इसके तुरंत बाद सुबह करीब 5:15 बजे एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई। पहली मिसाइल छोटी दूरी की थी। योनहाप समाचार एजेंसी ने इस बारे में और जानकारी नहीं दी कि मिसाइलें कितनी दूर तक गई।

उत्तर कोरिया ने दी थी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

जेसीएस ने मीडिया को बताया, हमारी सेना उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल डेटा को अमेरिका और जापानी अधिकारियों के साथ साझा करेगी, हम स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। इससे पहले रविवार को उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के सैन्य अभ्यास की निंदा करते हुए कहा था कि देश इसके खिलाफ आक्रामक और भारी जवाबी कार्रवाई करेगा।

पहले भी दागी थी बैलिस्टिक मिसाइल

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान का संयुक्त अभ्यास शनिवार को समाप्त हुआ, इसमें लड़ाकू जेट और युद्धपोत शामिल थे। एक अमेरिकी विमानवाहक पोत भी शामिल था। इससे पहले उत्तर कोरिया ने बुधवार को पूर्वी सागर की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागे थे। उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उसने कई मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है, लेकिन दक्षिण कोरिया ने इस दावे को धोखा बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा कि प्रक्षेपण विफल हो गया क्योंकि मिसाइल हवा में ही फट गई।

हाल ही में उत्तर कोरिया और रूस के बीच हुई थी अहम डील

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पिछले महीने प्योंगयांग में एक शिखर सम्मेलन के दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद प्योंगयांग और मॉस्को के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर चिंताओं के बीच यह नवीनतम प्रक्षेपण किया गया। इस समझौते में यह वादा भी शामिल है कि यदि हमला होता है तो दोनों देश एक-दूसरे की सहायता करेंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article