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'अब वार्ता नहीं, बहुत देर हो चुकी': क्या ईरान को गाजा बना के छोड़ेंगे ट्रंप, बढ़ते टकराव के बीच इस बयान के क्या मायने?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की एयर फोर्स, नेवी और थल सेना का शीर्ष नेतृत्व लगभग खत्म हो चुका है। ये सब होने के बाद अब ईरान वार्ता करने का इच्छुक है, लेकिन अब इसमें देर हो चुकी है।

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डोनाल्ड ट्रंप

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है। दुनिया में कई मोर्चों पर जारी टकराव को विशेषज्ञ तीसरे विश्वयुद्ध की ओर बढ़ते कदमों के तौर पर देख रहे हैं। इस बीच ईरान के हालातों और मध्य एशिया में टकराव को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब बात करना चाहता है, लेकिन अब यह संभव नहीं है।

ट्रंप का दावा- खत्म हो चुका है ईरान की सेनाओं का शीर्ष नेतृत्व

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की एयर फोर्स, नेवी और थल सेना का शीर्ष नेतृत्व लगभग खत्म हो चुका है। ये सब होने के बाद अब ईरान वार्ता करने का इच्छुक है, लेकिन अब इसमें देर हो चुकी है। ट्रंप के इस बयान से यह साफ हो गया है कि वे ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को लेकर रियायत बरतने के मूड में नहीं हैं।

इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों के लिए अनुमानित चार से पांच सप्ताह की समय सीमा से कहीं अधिक समय तक चलने की क्षमता है।

कतर ने अप्रत्याशित आपातकाल की घोषणा की, भारतीय उद्योग को गैस की आपूर्ति बाधित

इस बीच, भारत को आयातित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने ईरान के ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रुकने के कारण आपूर्ति पर अप्रत्याशित स्थिति (फोर्स मेज्योर) घोषित कर दी है। इस व्यवधान के कारण भारतीय उद्योग को आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक की कटौती हुई है।

कतर लगभग 27 मिलियन टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति करता है,जिसका आयात भारत सालाना बिजली उत्पादन और उर्वरक उत्पादन से लेकर सीएनजी वितरण और पाइपयुक्त खाना पकाने की गैस नेटवर्क तक के क्षेत्रों में मांग को पूरा करने के लिए करता है।

उन्होंने बताया कि गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने गैस विपणनकर्ताओं को सूचित किया है कि कतर ने अपने तरलीकृत प्राकृतिक गैस उत्पादन को रोक दिया है क्योंकि ईरान ने इजरायल और अमेरिका द्वारा कतर पर किए गए हमलों के जवाब में खाड़ी देशों पर हमले जारी रखे हैं।

इन हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और एलएनजी की ढुलाई लगभग ठप हो गई है,जिससे वैश्विक ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं और साथ ही युद्ध-जोखिम बीमा और शिपिंग लागत में भी भारी वृद्धि हुई है।

चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन की मांग की

वहीं, मध्य पूर्व से तेल और प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख आयातक देश चीन ने सभी पक्षों से लड़ाई रोकने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया है कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर सकें।

ईरान ने उस संकरे जलडमरूमध्य में कई जहाजों पर हमला किया है जिससे होकर तेल के कुल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है,जिससे तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं।

बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन सभी पक्षों से आग्रह करता है कि वे सैन्य अभियान तुरंत बंद करें,तनाव बढ़ने से बचें,होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अधिक प्रभाव पड़ने से रोकें।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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