Nepal Gen Z Revolution: नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगे बैन के खिलाफ हजारों युवा सड़कों पर उतर आए। काठमांडू में संसद भवन के सामने ‘जेन जी’ के बैनर तले स्कूली छात्रों समेत हजारों युवाओं की दंगा-रोधी पुलिस के साथ झड़प हुई। छात्र संसद भवन परिसर में दाखिल हो गए। इसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का सहारा लेना पड़ा। 2इसके बाद प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 42 लोग घायल हो गए हैं।
प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा इस्तीफा दें: RSP सांसद
इसी बीच RSP सांसद सुमना श्रेष्ठ ने प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूद हालात के मद्देनजर पद पर बने रहना का उनके पास नैतिक आधार नहीं है और तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। सांसद सुमना श्रेष्ठ के इस बयान से नेपाल में सियासी हलचल तेज हो चुकी है।
नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाया बैन
बता दें कि नेपाल सरकार ने अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर चार सितंबर को फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगा दिया था। । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगने से युवाओं में काफी आक्रोश है। लोगों के मुताबिक सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दबाने की कोशिश कर रही है।
सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर क्यों लगाया बैन?
सरकार ने जानकारी दी है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स सहित 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस लिए बैन लगाया गया है कि ये कंपनियां सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्टर नहीं हुई थीं. कई बार नोटिस देने और 7 दिन की डेडलाइन के बाद भी किसी ग्लोबल कंपनी ने आवेदन नहीं किया। नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बिना रजिस्ट्रेशन के देश में काम नहीं करेगा।
