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NASA: सुनीता विलियम्स को वापस लाएगा बोइंग स्पेस कैप्सूल, अंतरिक्ष यात्रियों ने जताया सुरक्षित वापसी का भरोसा

ISS: नासा के परीक्षण पायलट विल्मोर और भारतीय मूल की विलियम्स ने पिछले माह की शुरुआत में बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल पर सवार होकर उड़ान भरी थी। दोनों इस पर सवार होने वाले पहले लोग थे। अब दोनों ही तकनीकी खराबी के कारण स्पेस में फंसे हुए है।

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सुनीता विलियम्स ने जताया सुरक्षित वापसी का भरोसा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • पृथ्वी पर सुरक्षित लाएगा बोइंग का अंतरिक्ष कैप्सूल : सुनीता
  • सुनीता विलियम्स ने जताया सुरक्षित वापसी का भरोसा
  • नासा के अधिकारी और बोइंग के इंजीनियर खराब थ्रस्टर को बनाने में जुटे

Sunita Williams: नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने भरोसा जताया कि बोइंग का अंतरिक्ष कैप्सूल खराबी के बावजूद उन्हें सुरक्षित वापस पृथ्वी पर ला सकता है। नासा के जो दो अंतरिक्ष यात्री हफ्तों पहले पृथ्वी पर वापस लौट आने चाहिए थे, लेकिन उनके बोइंग स्पेस कैप्सूल में तकनीकी खामी के कारण उनकी वापसी अब तक संभव नहीं हुई है।

हमें पूरा विश्वास है कि हम सुरक्षित वापसी करेंगे-सुनीता विलियम्स

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर अब भी फंसे हुए हैं। हालांकि बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करके उन्होंने भरोसा है कि कंपनी और नासा थ्रस्टर की खराबी को दुरुस्त कर लेंगे और उनकी सुरक्षित घर वापसी हो जाएगी। नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने पत्रकारों से ऑनलाइन बातचीत में कहा कि उनके मन में इस बात को लेकर असल में बहुत अच्छा भाव है। उनका मन कहता है कि अंतरिक्ष यान उन लोगों को वापस ले आएगा। कोई समस्या नहीं आएगी। एक महीने पहले अंतरिक्ष यान पर आने के बाद से अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में बैरी बुच विल्मोर ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है। आपने यह मंत्र सुना होगा। विफलता कोई विकल्प नहीं है। इसीलिए हम यहां रुके हुए हैं। हम यह परीक्षण करने वाले हैं। यही हमारा काम है।

बता दें, नासा के अधिकारी और बोइंग के इंजीनियर खराब थ्रस्टर को बनाने में जुटे हुए हैं। नासा के वरिष्ठ अंतरिक्ष यात्री और अमेरिकी नौसेना के पूर्व टेस्ट पायलट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर विगत पांच जून को फ्लोरिडा से निजी कंपनी स्टारलाइनर के स्पेस कैप्सूल से अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। उन्हें वहां अपने कुछ निर्धारित कार्यों को पूरा करके 8 दिनों में वापस पृथ्वी पर लौटना था। लेकिन कैप्सूल में तकनीकी खामी के चलते यह वापसी लगातार टलती जा रही है। स्टारलाइनर की प्रपलजन प्रणाली में परेशानी के चलते इस मिशन को अनिश्चितकाल तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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