Ayatollah Ali Khamenei Funeral: अमेरिका-इजरायल के हमले में जान गंवाने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई को शुरू होगा। उनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में किया जाएगा। इस जनाजे में लाखों करोड़ों लोग शामिल होंगे। ईरान ने भारत सहित कई देशों के राजनेताओं को खामेनई की अंतिम विदाई में शामिल होने का न्योता भेजा है। गौरतलब है कि इस जनाजे में ईरान के मौजूदा सर्वोच्च धार्मिक नेता और अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नहीं दिखेंगे। ऐसा सुरक्षा चिंताओं की वजह से किया जा रहा है।
भारत में वर्तमान नेता के प्रतिनिधि, आयतुल्लाह हकीम इलाही के अनुसार, सुरक्षा चिंताओं के कारण मोजतबा , पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। इलाही ने इस फैसले का कारण इजरायली धमकियों और निगरानी के जोखिमों को भी बताया, जिससे सार्वजनिक उपस्थिति खतरनाक हो सकती थी। बता दें कि खामेनेई 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध के पहले दिन एक हवाई हमले में मारे गए थे।
ईरान ने अमेरिका को क्या दी चेतावनी?
इससे पहले बुधवार को, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इजरायल में अपने 'पालतू जानवरों' पर लगाम लगाने का आग्रह किया, जब इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को 'मौत के लिए चिह्नित' किया गया है।
एक्स पर एक पोस्ट में, अराघची ने कहा कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में शत्रुता को समाप्त करने के साथ-साथ इजरायल को नियंत्रित करने के लिए हुए 14 सूत्री समझौता ज्ञापन (एमओयू) की शर्तों के तहत खुद को प्रतिबद्ध किया है और चेतावनी दी है कि ईरान के नेतृत्व के खिलाफ किसी भी खतरे का तत्काल जवाब दिया जाएगा।
अराघची ने एक रिपोर्ट से काट्ज की टिप्पणियों का पाठ साझा करते हुए पोस्ट में कहा, "इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट और सबके लिए सार्वजनिक हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल अवीव में अपने चहेतों पर लगाम कसने की प्रतिबद्धता जताई है। अगर वे अपने आका की अवहेलना करते हैं, तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा। हमारे लोगों और नेतृत्व के खिलाफ किसी भी खतरे का तत्काल और कड़ा जवाब दिया जाएगा।"
