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पर्दे के पीछे इस भारतीय डिफेंस कंपनी का बढ़ता जा रहा दुनियाभर में बोलबाला, अब किस देश में लगेगी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट?

Indian Defense Company MKU: मोरक्कन आर्मी की कुछ यूनिट्स पहले से ही MKU के बनाए कॉम्बैट हेलमेट से लैस हैं। ये हेलमेट, मॉडर्न बैलिस्टिक प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, साथ ही कम्युनिकेशन और नाइट विजन सिस्टम के साथ कम्पैटिबिलिटी को भी जोड़ते हैं, जो इंडियन मैन्युफैक्चरर और मोरक्को की ग्राउंड फोर्स के बीच पहले से बने भरोसे के लेवल को दिखाते हैं।

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पर्दे के पीछे इस भारतीय डिफेंस कंपनी का बढ़ता जा रहा दुनियाभर में बोलबाला

Indian Defense Company: इंडिया की बढ़ती डिफेंस इंडस्ट्रियल मौजूदगी को जल्द ही नॉर्थ अफ्रीका में एक नया ठिकाना मिल सकता है। मोरक्को में इंडियन एम्बेसडर के मुताबिक, इंडियन डिफेंस कंपनी MKU मोरक्को में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर विचार कर रही है, जो नाइट विजन सिस्टम और सैनिकों के अलग-अलग इक्विपमेंट बनाने पर फोकस करेगी। अगर यह हो जाता है, तो यह कदम नई दिल्ली और रबात के बीच डिफेंस-इंडस्ट्रियल रिश्तों को गहरा करने में एक बड़ा कदम होगा।

MKU की 100 से ज्यादा देशों में मौजूदगी

MKU, जो अपने एडवांस्ड बैलिस्टिक प्रोटेक्शन और ऑप्ट्रॉनिक सिस्टम के लिए काफी जानी जाती है, इसने 100 से ज्यादा देशों में लगातार ग्लोबल मौजूदगी बनाई है। मोरक्को में इसकी संभावित एंट्री कोई शुरुआती पहला कदम नहीं होगा, बल्कि मौजूदा ऑपरेशनल लिंकेज पर बना एक विस्तार होगा।

कैसे बना मोरक्को का इंडियन मैन्युफैक्चरर पर भरोसा

मोरक्कन आर्मी की कुछ यूनिट्स पहले से ही MKU के बनाए कॉम्बैट हेलमेट से लैस हैं। ये हेलमेट, मॉडर्न बैलिस्टिक प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, साथ ही कम्युनिकेशन और नाइट विजन सिस्टम के साथ कम्पैटिबिलिटी को भी जोड़ते हैं, जो इंडियन मैन्युफैक्चरर और मोरक्को की ग्राउंड फोर्स के बीच पहले से बने भरोसे के लेवल को दिखाते हैं।

मोरक्को में प्रस्तावित फैसिलिटी हेलमेट से कहीं आगे जाएगी। नाइट विजन सिस्टम, खास तौर पर, कम रोशनी और काउंटर-इंसर्जेंसी माहौल में काम करने वाली मॉडर्न पैदल सेना के लिए एक जरूरी क्षमता दिखाते हैं। ऐसे सिस्टम को लोकल लेवल पर बनाकर, मोरक्को न सिर्फ सप्लाई चेन की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज़ लाइफसाइकल सपोर्ट तक भी पहुँच बना पाएगा।

सैनिकों के अलग-अलग उपकरण—बैलिस्टिक प्रोटेक्शन से लेकर इंटीग्रेटेड लोड-बेयरिंग सिस्टम तक—दुनिया भर में पैदल सेना के मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम की रीढ़ हैं। तैयारी और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने की चाहत रखने वाली सेना के लिए, लोकल प्रोडक्शन स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी और आर्थिक फायदा दोनों दे सकता है।

मोरक्को के लिए, एक भारतीय डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होस्ट करने से उसका रीजनल इंडस्ट्रियल बेस बढ़ेगा और शायद वह अफ्रीकी बाजारों के लिए डिस्ट्रीब्यूशन या सर्विसिंग हब बन जाएगा। MKU के लिए, यह खास कस्टमर्स के करीब होगा और अगली पीढ़ी के सैनिक सिस्टम के ग्लोबल सप्लायर के तौर पर उसकी स्थिति को मजबूत करेगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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