Maldives News: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) सरकार द्वारा नियुक्त मालदीव के प्रॉसिक्यूटर जनरल हुसैन शमीम पर जानलेवा हमला हुआ है। शमीम पर बुधवार सुबह राजधानी माले में अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से हमला किया। पुलिस के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, हमला किसी नुकीली चीज से नहीं किया गया है। यह घटना मालदीव सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक गतिरोध के बीच हुई है, जो राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर महाभियोग चलाने की मांग कर रहा है। हाल ही में मालदीव की संसद में उस समय हिंसा हुई थी जब सांसदों ने कार्यवाही में खलल डाला था।
संसद में भी मचा संग्राम
सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी सामने आया था। तब एमडीपी सांसद ईसा और पीएनसी सांसद अब्दुल्ला शहीम अब्दुल हकीम के बीच लड़ाई हुई थी। हाल ही में मालदीव में दो विपक्षी दल मौजूदा सरकार के घोर भारत विरोधी रुख को लेकर सरकार के खिलाफ सामने आए थे। मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) और डेमोक्रेट्स ने संयुक्त रूप से एक संयुक्त प्रेस बयान जारी किया, जिसमें विदेश नीति में बदलाव को देश के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद हानिकारक बताया गया।
मुइज्जू के खिलाफ विपक्ष एकजुट
विपक्ष ने आगे इस बात पर जोर दिया कि मालदीव की स्थिरता और सुरक्षा के लिए हिंद महासागर में स्थिरता और सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इस बीच मालदीव सन ने बताया कि अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने संसद के आदेशों में संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया है जो विपक्षी सांसदों को राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने में सक्षम बनाता है। मोहम्मद मुइज्जू के प्रशासन में शीर्ष पद संभालने के लिए सात सांसदों ने नवंबर में संसद से इस्तीफा दे दिया था। एमडीपी जिसके पास संसद में बहुमत है, उसने संसद नियमों में संशोधन किया ताकि सांसदों की कुल संख्या निर्धारित करते समय खाली सीटों की गिनती न की जाए। इसलिए, संसद को राष्ट्रपति मुइज्जू पर महाभियोग चलाने के लिए पिछले 58 के बजाय 54 वोटों की आवश्यकता है, क्योंकि स्थायी आदेशों में संशोधन के अनुसार, सांसदों की कुल संख्या अब 87 के बजाय 80 है।
