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अमेरिका से बातचीत में हमारे देश को मोलभाव का जरिया न बनाए तेहरान; ईरान पर भड़के लेबनान के राष्ट्रपति

लेबनानी राष्ट्रपति ने लेबनान सरकार और इजरायल के नए सीजफायर समझौते का विरोध करने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेहरान को वाशिंगटन के साथ बातचीत में लेबनान का इस्तेमाल मोलभाव करने वाले हथियार के तौर पर नहीं करना चाहिए।

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लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन (फोटो- विकीपीडिया)

इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह को खत्म करने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाता रहा है। जिसका ईरान लगातार विरोध करता रहा है। अमेरिका के साथ चल रही सीजफायर वार्ता में भी ईरान ने कई बार इस मुद्दे को उठाया है। साथ ही उसका कहना है कि दोनों देशों के बीच किसी भी समझौते में लेबनान में सीजफायर भी शामिल होगा, हालांकि इजरायल इससे सहमत नहीं है। इस बीच, लेबनान के नेताओं ने ईरान पर हमला बोला है। लेबनानी नेताओं का कहना है कि ईरान को लेबनान की धरती पर ‘प्रॉक्सी’ प्रोजेक्ट बंद करना चाहिए।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने शुक्रवार को लेबनान सरकार और इजरायल के बीच हुए नए सीजफायर समझौते का विरोध करने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेहरान को वाशिंगटन के साथ बातचीत में लेबनान का इस्तेमाल मोलभाव करने वाले हथियार के तौर पर नहीं करना चाहिए।

इजरायल अगर लेबनान से अपने सैनिकों को नहीं बुलाता तो नहीं आ सकती शांति

दरअसल, ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि अगर इजरायल लेबनान से अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाता है, तो इलाके में शांति नहीं होगी। ऐसे में अमेरिकी मीडिया सीएनएन को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा, "हमारे देश में दखल देना आपका (ईरान का) काम नहीं है। मैं इस बयान को पूरी तरह से खारिज करता हूं, क्योंकि हमारे लोग मारे जा रहे हैं। हमारे घर तबाह किए जा रहे हैं।

लेबनान दूसरों के लिए लड़ाई का मैदान नहीं रहना चाहिए- प्रधानमंत्री नवाफ सलाम

इसके अलावा, एक अन्य बयान में प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने लेबनान के लोगों से अपने देश के हित को सबसे पहले रखने की अपील की और कहा कि लेबनान दूसरों के लिए लड़ाई का मैदान नहीं रहना चाहिए। लेबनान के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के लिए वाशिंगटन के साथ बातचीत में तेहरान उनके देश को मोलभाव करने का जरिया समझ रहा है। वहीं, ईरान ने मांग की है कि कोई भी पक्का समझौता लेबनान तक बढ़ाया जाना चाहिए।

यह बयान तब आया है, जब इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों पर हमला किया और नौ गांवों को खाली करने की चेतावनी जारी की। इजरायल और ईरान के समर्थन वाले उग्रवादी समूह हिज्बुल्लाह के बीच तीन महीने से युद्ध जारी है। इस युद्ध में बेघर हुए हजारों लोगों ने इनमें से एक गांव में पनाह ली हुई है। सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि इन हमलों में दक्षिणी लेबनान के छह स्थानों पर नौ लोग मारे गए।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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