Yogi Haider of Pakistan: आज 21 जून यानि योग दिवस (Yoga Day) है जिसे पूरी दुनिया में जोर-शोर से मनाया जा रहा है। अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के उद्यान में इसका नेतृत्व किया। 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी ने ही 21 जून को वैश्विक स्तर पर योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। आज पूरी दुनिया योगा को अपना रही है और इसे जोर-शोर से मनाया भी जा रहा है। योगा दिवस पर पाकिस्तान के उस शख्स को भी याद कर लेना जरूरी होगा जिसने इसे अपने देश में लोकप्रिय बनाया। शमशाद हैदर उर्फ योगी हैदर आज पाकिस्तान में योग के प्रचार-प्रसार को लेकर लोकप्रिय हैं। इस खास दिन पर उन्हीं के बारे में कुछ और भी जानते हैं।
पाकिस्तान में योग को लोकप्रिय बनाया
योगा पाकिस्तान और वे ऑफ नेचर के संस्थापक योगी हैदर (Yogi Haider) को अपने देश में योगाभ्यास और ध्यान के माध्यम से शरीर और मन को स्वस्थ रखने के इस प्राचीन विज्ञान को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने योग के जरिए पाकिस्तान में स्वास्थ्य जागरूकता क्रांति पैदा करने की कोशिश की है। एक तरह से उन्हें पाकिस्तान का बाबा रामदेव कहा जा सकता है। हालांकि वह योग के भारतीय मूल को नकारते हैं और एक मुस्लिम देश का नागरिक होने के नाते कहते हैं कि योग का कोई धर्म नहीं है, न तो हिंदू और न ही मुस्लिम। यह हमारी साझी विरासत, एक कला और एक विज्ञान है। यह पूरब की संपत्ति है। हमें गर्व होना चाहिए कि यह हमारी संपत्ति है, जिसे हमारे पूर्वजों ने खोजा था। यह एक शारीरिक, आध्यात्मिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरल नुस्खा है जिसका आज दुनिया आनंद ले रही है।असली नाम शमशाद हैदर
योगी हैदर का असली नाम शमशाद हैदर है जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पैदा हुए हैं। वह 2005 से अपने देश में लोगों को योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। योगी हैदर का कहना है कि मुसलमान योग को इस तरह से देखें कि योग केवल एक कला, एक विज्ञान, ब्रह्मांड के लिए एक उपहार है, एक बिना दवा के हर बीमारी का इलाज। योगी हैदर के संगठन योग पाकिस्तान और वे ऑफ नेचर ने हजारों पाकिस्तानियों को योग से जोड़ा है और हजारों पाकिस्तानियों को उनके घरों से बाहर पार्कों और खुली जगहों पर योग करने के लिए लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
योगी हैदर ने भारत और पाकिस्तान के कई मुसलमानों की मानसिकता को समझने की कोशिश की है जो मानते हैं कि योग हिंदू धर्म का हिस्सा है या इसकी मुद्राएं और आसन हिंदू रीति-रिवाजों का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि प्रार्थना नीयत के साथ की जाती है और योग में कोई भी आसन मुस्लिम आस्था के लिए कोई खतरा पैदा नहीं कर सकता है। हम इसे एक कला या विज्ञान के रूप में अपनाते हैं, धर्म या विश्वास के रूप में नहीं। योगी हैदर कहते हैं कि योग का कोई धर्म नहीं होता। इस पर पाकिस्तान के तमाम विद्वान एकमत हैं। उनके योग सत्र में भाग लेने वालों में पाकिस्तान के एक प्रमुख उपदेशक मौलाना तारिक जमील और एक प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ गुलाम मुस्तफा खार शामिल हैं।
सूर्य नमस्कार पर कही ये बात
सूर्य नमस्कार पर योगी हैदर का कहना है कि ये सूर्य को सम्मान देने का एक तरीका हो सकता है। हमें पता होना चाहिए कि जब सूरज उगता है, तो पृथ्वी का ऊर्जा स्तर अपने उच्चतम स्तर पर होता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे नमस्कार की मुद्रा को प्रणाम के हिंदू तरीके के रूप में न समझें, बल्कि अभ्यास के तरीके और कसरत के हिस्से के रूप में सोचें। यह सूर्य के साथ हमारा संबंध स्थापित करेगा।
वह कहते हैं कि जब आप सूर्य नमस्कार करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप आंखें बंद करके पूजा कर रहे हैं, असल में हम अपने शरीर पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। चांद अस्त हो गया है। सुबह की किरणें हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी होती हैं। योगी हैदर कहते हैं कि सूर्य नमस्कार में 12 आसन होते हैं। यह व्यायाम का एक सुंदर और शक्तिशाली तरीका है जो शरीर को लचीलापन देता है और तनाव कम करता है और बहुत फायदेमंद होता है।
