Joe Biden : अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन ने उत्तरी इराक में ड्रोन हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों के घायल होने के बाद ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों के खिलाफ जवाबी हमले का आदेश दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने कहा कि सोमवार को हुए हमले में एक अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। ईरान समर्थित मिलिशिया 'कतैब हिजबुल्ला' और इससे संबद्ध समूहों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।
पेंटागन को आदेश दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति को सोमवार को हमले की सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन को जवाबी कार्रवाई का विकल्प अपनाने का आदेश दिया। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और राष्ट्रीय सुरक्षा दल ने तुरंत योजना बनाई। इसके बाद बाइडन ने कतैब हिजबुल्ला और इससे संबद्ध समूहों द्वारा उपयोग किए जाने वाले तीन ठिकानों पर हमले का निर्देश दिया।
मंगलवार सुबह हमले किए
अमेरिका ने मंगलवार सुबह करीब पौने पांच बजे इराक स्थित ईरानी मिलिशिया समूहों के ठिकानों पर हमले किए। वॉटसन ने कहा, "राष्ट्रपति जो. बाइडन के लिए अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा से बढ़कर कोई प्राथमिकता नहीं हैं।" उन्होंने कहा, ''यदि ये हमले जारी रहते हैं तो अमेरिका अपने तरीके से कार्रवाई करेगा।"
सीरिया में हैं अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी सैनिकों पर हाल में हुआ हमला, सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के बाद से क्षेत्र में अमेरिकी बलों के खिलाफ बढ़ती धमकियों के बाद हुआ है। अमेरिका ने इस सबके लिए ईरान को दोषी ठहराया है। अमेरिका के हजारों सैनिक अभी भी इराक में मौजूद हैं, जो इराकी बलों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से लड़ रहे हैं। अमेरिका के सैकड़ों सैनिक सीरिया में भी इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ रहे हैं।
