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जिन देशों पर गिर रहीं मिसाइलें, वहां के दौरे पर क्यों गईं मेलोनी; इंटेलिजेंस एजेंसियों की चेतावनी भी की नजरअंदाज

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी अचानक गल्फ देशों के सरप्राइज विजिट पर हैं। उन्होंने इस विजिट को लेकर इंटेलिजेंस एजेंसियों की चेतावनी भी नजरअंदाज कर दी।

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (फोटो साभार: @GiorgiaMeloni)

Photo : Twitter

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) अचानक गल्फ देशों का सरप्राइज विजिट कर रही हैं। विजिट के पहले दिन मेलेनी जेद्दा, तो दूसरे दिन दोहा जाएंगी। मेलोनी का यह दौरा पहले से तय नहीं था और इसमें कतर व संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की भी यात्रा शामिल है।

मेलोनी जेद्दा में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Mohammed bin Salman) से मुलाकात करेंगी। फरवरी में शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के बाद किसी यूरोपीय संघ के नेता का यह पहला सऊदी दौरा है। मेलोनी इस दौरे के जरिए खाड़ी देशों के प्रति एकजुटता प्रकट करने की कोशिश कर रही हैं।

इतालवी मीडिया के मुताबिक, मेलोनी की यात्रा के बारे में महज राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला को ही जानकारी थी। मेलोनी ने दो दिवसीय यात्रा से जुड़ा निर्णय अरब अधिकारियों के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद लिया था। इतालवी मीडिया हाउस 'द इटैलियन लोकल' ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण, इटली 'फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहा है।' इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इस युद्ध-क्षेत्र की यात्रा के खिलाफ 'सख्त चेतावनी' दी थी, जिसे मेलोनी ने कथित तौर पर नजरअंदाज कर दिया।

क्या है सरप्राइज विजिट का उद्देश्य?

  • खाड़ी देशों के साथ एकजुटता दिखाना
  • ईरान के हमलों के बीच सहयोग बढ़ाना
  • इटली की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करना

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दो दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य उन खाड़ी सहयोगियों के प्रति समर्थन जताना था, जो ईरानी हमलों का सामना कर रहे हैं। साथ ही, इसका मकसद इटली की अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना भी है, क्योंकि सरकार बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही है। अधिकारी ने कहा कि इटली अपनी प्रमुख कंपनियों, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Eni भी शामिल है, की खाड़ी क्षेत्र में निवेश जारी रखेंगी।

युद्ध शुरू होने से पहले, इटली की कुल गैस खपत का लगभग 10 फीसदी हिस्सा कतर से आने वाली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से पूरा होता था। वहीं, पिछले साल इटली के कुल तेल आयात में मध्य-पूर्व के तेल का हिस्सा लगभग 12 फीसदी था। पिछले हफ्ते जानकारी मिली कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) लगभग बंद होने की वजह से LNG सप्लाई रोक दी गई है और अप्रैल से जून के बीच 10 कार्गो नहीं भेजे जाएंगे।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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