Israeli Warplanes Hammer Tehran: ईरानी की कम होती जवाबी कार्रवाई के बीच इजरायल का ईरान पर हमला लगातार जारी है। इजरायली लड़ाकू विमानों ने रात भर और बुधवार को ईरान की राजधानी पर बमबारी की, जिसमें यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज बनाने वाली एक सुविधा और मिसाइल कंपोनेंट बनाने वाली एक जगह को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि इसने रात भर में 10 मिसाइलों को रोका। ईरान की जवाबी बमबारी कम हो गई है। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी कि संघर्ष में किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप से क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा होगा।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य स्थलों पर सीधे हमले
इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य स्थलों पर सीधे हमले कर रहा है, जिसकी शुरुआत शुक्रवार को एक हैरतअंगेज बमबारी से हुई। वाशिंगटन स्थित एक ईरानी मानवाधिकार समूह ने कहा कि ईरान में 239 नागरिकों सहित कम से कम 585 लोग मारे गए हैं और 1,300 से अधिक घायल हुए हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में दुकानें बंद कर दी गई हैं, जिसमें इसका प्रसिद्ध ग्रैंड बाजार भी शामिल है। लोग गैस लाइनों में इंतजार कर रहे हैं और हमले से बचने के लिए शहर से बाहर जाने वाली सड़कों पर जमा हो रहे हैं। ईरान ने जवाबी हमले में करीब 400 मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे हैं, जिससे इजराइल में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं। इनमें से कुछ मिसाइलों ने मध्य इजराइल में अपार्टमेंट की इमारतों को निशाना बनाया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। हवाई हमले के सायरन की वजह से इजरायली लोग बार-बार शरण लेने को मजबूर हुए हैं।
ईरान की ओर से आ रहीं कम मिसाइलें
ईरान की ओर से अब कम मिसाइलें दागी जा रही हैं, बुधवार को सिर्फ मुट्ठी भर मिसाइलें दागी गईं। उसने हमले में कमी की वजह नहीं बताई है, लेकिन यह गिरावट इजराइल द्वारा कई ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने के बाद आई है। अब सभी की निगाहें वाशिंगटन पर हैं, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में इजरायली हमलों से खुद को दूर रखा था, लेकिन उन्होंने अमेरिका की अधिक भागीदारी का संकेत देते हुए कहा कि वह युद्धविराम से कहीं अधिक बड़ा कुछ चाहते हैं। अमेरिका ने इस क्षेत्र में और अधिक युद्धक विमान भी भेजे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने अल जजीरा इंग्लिश को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप से क्षेत्र में व्यापक युद्ध छिड़ जाएगा।
ईरान में हताहतों की संख्या में बढ़ोतरी
वाशिंगटन स्थित समूह ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने कहा कि उसने इजरायली हमलों में मारे गए 239 लोगों की पहचान आम नागरिकों के रूप में और 126 की पहचान सुरक्षा कर्मियों के रूप में की है। इस समूह ने महसा अमिनी की मौत पर 2022 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हताहतों की विस्तृत संख्या भी दी थी। यह समूह देश में अपने द्वारा विकसित स्रोतों के नेटवर्क के विरुद्ध स्थानीय रिपोर्टों की जांच करता है।
ईरान संघर्ष के दौरान नियमित रूप से मौतों की संख्या प्रकाशित नहीं कर रहा है और अतीत में हताहतों की संख्या को कम से कम बताता रहा है। सोमवार को जारी किए गए इसके अंतिम अपडेट में मरने वालों की संख्या 224 बताई गई है और 1,277 अन्य घायल हुए हैं। बुधवार सुबह 5 बजे के आसपास तेहरान में एक बड़ा विस्फोट सुना गया, इससे पहले भोर से पहले अंधेरे में कई धमाकों की आवाजें भी आई थीं। ईरान के अधिकारियों ने हमलों की कोई पुष्टि नहीं की, जो कि इजरायली हवाई हमलों के तेज होने के साथ-साथ आम हो गया है। कम से कम एक हमला तेहरान के पूर्वी इलाके हकीमीह को निशाना बनाकर किया गया, जहां पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड की एक अकादमी है।
ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हमले
इजरायल का कहना है कि उसने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हमले किए हैं, जबकि कूटनीतिक समाधान पर अमेरिका और ईरान के बीच दो महीनों में बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। ट्रंप ने कहा है कि इजरायल का अभियान, बातचीत लिए उनके द्वारा निर्धारित 60-दिन की समयसीमा के बाद शुरू हुआ है। ईरान ने लंबे समय से जोर देकर कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, हालांकि यह एकमात्र गैर-परमाणु-सशस्त्र देश है जो 60 प्रतिशत तक यूरेनियम को समृद्ध करता है, और 90 प्रतिशत के हथियार-ग्रेड स्तर से बस कदम भर दूर है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि उन्हें विश्वास नहीं है कि ईरान सक्रिय रूप से बम बनाने की कोशिश कर रहा था।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने बघारी शेखी
संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया, और दोनों पक्षों ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा, हम जायोनिस्ट पर कोई दया नहीं दिखाएंगे। वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने पोस्ट किया, तेहरान के ऊपर एक तूफान गुजर रहा है। तानाशाही इसी तरह ढहती है।
