Benjamin Netanyahu: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात कहा कि इस बात कि बहुत संभावना है कि उनके हमलो में ईरान के सुप्रीम कमांडर अयातुल्ला खामनेई मारे गए हैं। साथ ही नेतन्याहू ने ईरान के लोगों से एकजुट होने और मौजूदा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। नेतन्याहू ने कहा कि 'इस बात कि बहुत संभावना है कि खामनेई अब जिंदा नहीं हैं।' इजरायल के पीएम ने कहा कि हमले में खामनेई का परिसर नष्ट हो गया। उन्होंने कहा कि इस जंग से शांति आएगी। नेतन्याहू के इस बयान के बाद इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत हो चुकी है। उनका शव बरामद हो चुका है।
रिपोर्टों में हालांकि ईरान ने नेतन्याहू के बयान को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि खामनेई बिल्कुल सुरक्षित हैं, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
कम से कम 201 लोग मारे गए
अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार शाम को रेड क्रिसेंट के हवाले से बताया कि कम से कम 201 लोग मारे गए हैं और 700 से अधिक घायल हुए हैं। इससे पहले ट्रंप ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू होने की घोषणा करते हुए एक वीडियो के माध्यम से कहा कि जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। वह आपकी होगी जिसकी बागडोर आप अपने हाथ में ले सकोगे। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह आपके पास एकमात्र मौका होगा। कई वर्षों से आप अमेरिका से मदद मांगते रहे हैं, लेकिन आपको कभी मदद नहीं मिली।
'खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान जीवित'
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस व्यापक लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा करेगा, जिससे वे अपने भविष्य का फैसला खुद अपने हाथों में ले सकें। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एनबीसी न्यूज से कहा कि जहां तक मुझे पता है, खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान जीवित हैं और उन्होंने इस हमले को अकारण, अवैध और पूरी तरह से अनुचित बताया।
सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया
हमलों की शुरुआत के लगभग 12 घंटे बाद, अमेरिकी सेना ने कहा कि सैकड़ों ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद अमेरिकी ठिकानों पर कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ और मामूली नुकसान हुआ। उसने कहा कि ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड कमान की सुविधाओं, वायु रक्षा क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थलों और सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया। इन हमलों ने ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के एक चौंकाने वाले नए अध्याय की शुरुआत कर दी और यह आठ महीनों के भीतर दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल किया है।
