Israel vs Hezbollah: हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच संघर्ष का दौर जारी है। हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने ऐसा दावा किया है कि उसके लड़ाके इजरायल के सैनिकों के साथ ‘आमने-सामने की लड़ाई’ के लिए तैयार हैं। वहीं बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि इजरायल ने अपने समुद्री तटों को बंद करने का फैसला लिया है। आपको सबकुछ तफसील से समझाते हैं।
इजरायल ने समुद्र तटों को कर दिया बंद
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के रॉकेट हमले के बाद सार्वजनिक समारोहों को सीमित कर दिया और समुद्र तटों को बंद कर दिया है। वहीं रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि इजरायली सेना का दावा है कि उसने पिछले एक साल में लेबनान में दर्जनों छोटे जमीनी अभियान चलाए हैं।
इजरायली सेना ने लेबनान में शुरू किए हमले
इजरायली सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों के खिलाफ ‘‘सीमित, स्थानीय’’ अभियान शुरू कर दिया है। सेना उन गांवों में ‘‘लक्षित जमीनी हमले’’ कर रही है जो इजरायली सीमा के करीब हैं। उसने कहा कि ये ठिकाने ‘‘उत्तरी इजरायल में इजरायली समुदायों के लिए खतरा’’ पैदा करते हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्ला और हमास का समर्थन करने वाले ईरान को सोमवार को चेतावनी दी थी।
उन्होंने लेबनान के हिजबुल्ला समूह के नेता के एक हवाई हमले में मारे जाने के कुछ दिन बाद कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां इजरायल नहीं पहुंच सकता।’’ हिजबुल्ला ने अपने नेता हसन नसरल्ला और अन्य शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद भी लड़ाई जारी रखने का सोमवार को संकल्प लिया।
नसरल्ला की मौत के बाद आया था ये बयान
आतंकी समूह के कार्यवाहक नेता नईम कासेम ने नसरल्ला की मौत के बाद सोमवार को टेलीविजन पर अपने पहले बयान में कहा कि अगर इजरायल जमीनी हमला करने का फैसला करता है तो हिजबुल्ला के लड़ाके पूरी तरह से तैयार हैं। वहीं, इजरायली सेना ने कहा कि वह लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर ‘‘स्थानीय जमीनी हमले’’ कर रही है।
सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हेगारी ने मंगलवार को मीडिया में जारी एक वीडियो बयान में कहा कि सैनिक यह सुनिश्चित करने के लिए हिजबुल्ला के खिलाफ अभियान चला रहे हैं कि इजरायली नागरिक उत्तरी हिस्से में अपने घरों में लौट सकें। हिजबुल्ला ने गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से ही उत्तरी इजरायल में रॉकेट हमले शुरू कर दिए थे जिससे वहां रहे लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।
विध्वंसक युद्ध से डरे लोग हो रहे विस्थापित
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और लेबनान सरकार ने इजरायल के साथ जारी संघर्ष में फंसे नागरिकों के लिए तत्काल 42.6 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता देने की अपील की है। लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने कहा कि लेबनान ‘‘अपने इतिहास के सबसे खतरनाक क्षणों में से एक’’ का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘‘लेबनान पर इजरायल के विध्वंसक युद्ध’’ के परिणामस्वरूप 10 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं।
