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Israel-Lebanon War: इजरायल ने दे दी खुली चेतावनी, दक्षिणी लेबनान के कस्बों और गांवों को खाली कर दो...

Israeli Military Issued Warning: लेबनान में इजरायल का जमीनी अभियान जारी है, इस दौरान लोगों में खौफ पसरा हुआ है। हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरुल्लाह की मौत के बाद हमले लगातार जारी हैं। इसी बीच इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कस्बों और गांवों के लोगों से जगह खाली करने को कहा है और चेतावनी जारी की है।

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इजराइल ने लेबनान में तेज किया ग्राउंड ऑपरेशन

Photo : AP

Israel-Lebanon War: फिलिस्तीन, ईरान, लेबनान, सीरिया जैसे देशों से आर-पार करने के लिए इजरायल अब पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। यही वजह है कि उसने अपने दुश्मनों पर हमलों का सिलसिला तेज कर दिया है। इजरायली हमलों की वजह से लेबनान में सबसे ज्यादा खौफ देखा जा रहा है। इस बीच इजरायली सेना ने संयुक्त राष्ट्र के एक बफर जोन के उत्तर में स्थित दक्षिण लेबनान के इलाकों को खाली करने की चेतावनी जारी की है।

दक्षिणी लेबनान के लोगों से जगह खाली करने को कहा

इजरायल की सेना ने बृहस्पतिवार को दक्षिणी लेबनान के कस्बों और गांवों के लोगों से जगह खाली करने को कहा। यह क्षेत्र 2006 के युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित ‘बफर जोन’ के उत्तर में स्थित है। इस चेतावनी से दक्षिणी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के संभावित विस्तार का संकेत मिलता है, जो अब तक सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित थी।

इजरायली हमलों की वजह से 12 लाख लोग विस्थापित

इजरायली हवाई हमलों के कारण लेबनान में विस्थापित लोगों की कुल संख्या लगभग 12 लाख हो गई है। लेबनानी मंत्रिपरिषद की डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यूनिट ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, विस्थापित लोग अन्य क्षेत्रों में अपने परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं। वे, मकान किराए पर ले रहे हैं या सार्वजनिक या निजी जगहों पर शरण ले रहे हैं। वहीं हजारों अन्य लोग सीरिया में प्रवेश कर गए हैं।

लेबनानी नागरिकों ने सीरियाई क्षेत्र में किया प्रवेश

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक 23 सितंबर से 29 सितंबर तक 234,023 सीरियाई और 76,269 लेबनानी नागरिकों ने सीरियाई क्षेत्र में प्रवेश किया। रिपोर्ट में कहा गया कि लेबनान में विस्थापित लोगों को रखने के लिए 867 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 643 अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंच चुके हैं। इजरायली हमलों के कारण दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के साथ-साथ बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा।

इस बीच मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली ने चेतावनी दी कि इजरायल की एकतरफा कार्रवाई से मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए तत्काल युद्ध विराम के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और प्रभावशाली शक्तियों से हस्तक्षेप की मांग की।

दक्षिणी लेबनान में इजरायल का जमीनी सैन्य अभियान

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मदबौली ने जोर देकर कहा कि मिस्र लेबनान में इजरायल की बढ़ती आक्रामकता की निंदा करता है और लेबनान की संप्रभुता को कमजोर करने के किसी भी कोशिश को खारिज करता है। 23 सितंबर से, इजरायल ने लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए। उसका कहना है कि यह कार्रवाई लेबानानी संगठन हिजबुल्ला के खात्मे के लिए की जा रही है।

पिछले शुक्रवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में एक महत्वपूर्ण हमले में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और उसके कई सहयोगी मारे गए। वहीं इस हफ्ते इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर दिया। 8 अक्टूबर, 2023 को हिजबुल्लाह ने गाजा में हमास के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू किए थे। नवीनतम घटनाक्रम इसी संघर्ष का विस्तार है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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