Israel Lebanon Conflict: इजरायल और लेबनान के बीच पहले दौर की वार्ता समाप्त होने के बाद फिर से हमले तेज हो गए। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जमकर कहर बरपाया। इस बीच, लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने गुरुवार को दक्षिणी लेबनान में मौजूद लिटानी नदी पर बने पुल पर हमले की सूचना दी।
कासमीयेह पुल तबाह
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी पर बने कासमीयेह पुल पर हमला किया और उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया है। हालांकि, इजरायली सेना ने लेबनान के इस दावे को नकार दिया और कहा कि उसने पुल पर हमला नहीं किया, बल्कि उसके पास हमला किया है।
चार राहतकर्मियों की मौत
इससे पहले, इजरायली सेना के बुधवार को लगातार तीन लक्षित हमलों में चार लेबनानी बचावकर्मी मारे गए और छह अन्य घायल हो गए। यह घटना नबातिएह के पास स्थित दक्षिणी गांव मयफदौन में हुई, जहां पहले हमले में घायल नागरिकों की मदद के लिए पहुंचे बचावकर्मियों को निशाना बनाया गया। दूसरे हमले में, पहले से घायल साथियों की सहायता करने पहुंचे दल को निशाना बनाया गया, जबकि तीसरा हमला उन राहतकर्मियों पर हुआ जो पहले दो समूहों की मदद के लिए पहुंचे थे।
इज़रायली सेना ने इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह मामले की "जांच" कर रही है। वह ईरान समर्थित हिजबुल्लाह पर एंबुलेंसों का उपयोग सैन्य गतिविधियों के लिए ढाल के रूप में करने का आरोप लगाती रही है। हालांकि, इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का "स्पष्ट उल्लंघन" बताया है।
अब तक कितने लोगों की हुई मौत?
मंत्रालय के अनुसार, दो मार्च को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इजरायली हमलों में कम से कम 91 लेबनानी चिकित्सा कर्मियों की मौत हो चुकी है। बुधवार तक लेबनान में कुल युद्ध मृतकों की संख्या बढ़कर 2,167 हो गई है।
