Israel Iran Tension: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उस मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि इजराइल ईरान के वरिष्ठ वार्ताकारों को निशाना बना सकता है। इस कथित साजिश के केंद्र में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) थे, जो अमेरिका के साथ शांति वार्ता में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
पीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा, "द न्यूयॉर्क टाइम्स की यह रिपोर्ट फेक न्यूज है और वास्तविकता का पूरी तरह मनगढ़ंत चित्रण है।" रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने कथित तौर पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालीबाफ को अप्रत्यक्ष रूप से संभावित हमले को लेकर आगाह किया था। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' और 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को डर था कि इजरायल अप्रैल से शुरू हुई नाजुक सीजफायर (युद्धविराम) वार्ता को नाकाम करने के लिए ईरान के शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश रच रहा है।
नेतन्याहू-ट्रंप की जल्द होगी मुलाकात
रिपोर्ट के बीच इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में अमेरिका में मुलाकात करने पर सहमति जताई। हालांकि बैठक की तारीख और स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।
वहीं, कतर ने जानकारी दी कि दोहा में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच हुई हालिया वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है और पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ 2025 के 12 दिनों के युद्ध और इस साल के संघर्ष के दौरान दो बार इजरायली बमबारी के मलबे के नीचे दब गए थे, जहां से उन्हें जिंदा निकाला गया।
