Emmanuel Macron on Israel: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कब्जे वाले पश्चिमी तट पर इजरायल की बस्तियों के विस्तार की योजनाओं की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे एक 'राजनीतिक परियोजना' बताया है, जिसका उद्देश्य द्वि-राज्य समाधान की संभावना को कम करना और फिलिस्तीनियों को उनके शांति के अधिकार से वंचित करना है।
सुरक्षा चिंताओं से परे राजनीतिक उद्देश्य
इजरायल के चैनल 12 न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में, मैक्रों ने गाजा और पश्चिमी तट की स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि पश्चिमी तट का हमास से कोई सीधा संबंध नहीं है और वहां बस्तियों की गतिविधियां फिर से शुरू करना सुरक्षा चिंताओं से परे राजनीतिक उद्देश्यों को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, 'पश्चिमी तट का हमास से कोई लेना-देना नहीं है और जब लोग यह कहने लगते हैं कि मान्यता या स्थिति के प्रति हमारा जवाब पश्चिमी तट पर बस्तियों को फिर से बसाना होगा, तो यह इस बात का सबसे अच्छा सबूत है कि यह एक राजनीतिक परियोजना है जिसका उद्देश्य हमास को खत्म करना नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की संभावना को खत्म करना और फिलिस्तीनी लोगों के इस क्षेत्र में शांति से रहने के अधिकार को नकारना है।'
क्या है मामला?
दरअसल, मैक्रों, कब्जे वाले पश्चिमी तट पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की विवादास्पद बस्तियों के विस्तार की योजना का जिक्र कर रहे थे, जिसे इस महीने की शुरुआत में इजरायली प्रधानमंत्री ने आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी थी।
अल जजीरा के अनुसार, नेतन्याहू ने इस योजना पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसका उद्देश्य एक बस्ती गलियारा बनाना है जो पश्चिमी तट को दो भागों में विभाजित करेगा।
'कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा'
उन्होंने यह घोषणा करते हुए आगे कहा कि कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा। यदि यह परियोजना पूरी हो जाती है, तो यह पश्चिमी तट के प्रमुख हिस्सों को कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम से अलग कर देगी, साथ ही पूरे क्षेत्र में इजरायली बस्तियों के एक नेटवर्क को जोड़ेगी।
सैन्य अभियानों की भी निंदा
चैनल 12 न्यूज के साथ साक्षात्कार के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने गाजा में इजरायल के सैन्य अभियानों की भी निंदा की और उन्हें 'अनुत्पादक' और 'विफल' बताया, खासकर नागरिकों की बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि तेल अवीव की ऐसी कार्रवाइयां न केवल क्षेत्र में, बल्कि हर जगह अभियान की 'विश्वसनीयता' को कम करती हैं।
मैक्रों ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के भारी दुख और विनाश को जन्म देने वाली कार्रवाइयां अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करती हैं और वैश्विक स्तर पर इजरायल की स्थिति को नुकसान पहुंचाती हैं।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान में कम से कम 65,208 लोग मारे गए हैं और 166,271 अन्य घायल हुए हैं।
