Cyclone Arnab- बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब एक भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद केंद्र सरकार और प्रभावित राज्यों के प्रशासन ने कमर कस ली है। इस चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
लैंडफॉल का समय और स्थान
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' तेजी से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह या दोपहर के दौरान आंध्र प्रदेश और यानम के तटों के पास (विशेषकर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच) लैंडफॉल कर सकता है। लैंडफॉल के वक्त हवा की गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो बढ़कर 140 किमी प्रति घंटा तक के खतरनाक झोंके ले सकती है। आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों और ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) होने की चेतावनी जारी की गई है।
कई ट्रेनें रद्द और परिवहन पर असर
सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे और परिवहन विभागों ने कई कदम उठाए हैं। चक्रवात के संभावित मार्ग और पटरियों पर पानी भरने या पेड़ गिरने के खतरे को देखते हुए 53 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है, जबकि कई अन्य ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। रेलवे स्टेशनों पर विशेष सहायता डेस्क बनाए गए हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया जा सके या रिफंड की सुविधा दी जा सके।
केंद्र और राज्यों की व्यापक प्रशासनिक तैयारियां
राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) और केंद्रीय गृह मंत्रालय लगातार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की दर्जनों टीमों को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और वायु सेना को भी किसी भी आपातकालीन बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है।
मछुआरों और जहाजों के लिए चेतावनी
समुद्र में जाने से पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी प्रकार की मछली पकड़ने वाली नावों को पहले ही सुरक्षित बंदरगाहों पर वापस बुला लिया गया है। बंदरगाहों पर खतरे के ऊंचे निशान जारी कर दिए गए हैं।
किन राज्यों पर बड़ा असर?
- आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, कृष्ण और बापटला जिलों में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। पीने के पानी, भोजन और चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की गई है।
- ओडिशा के गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। एहतियात के तौर पर इन जिलों के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। तटीय इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अतिरिक्त जनरेटर और टीमें तैनात की गई हैं।
- तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में चक्रवात के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ ही इन दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पुडुचेरी और तमिलनाडु: पूर्वोत्तर मानसून के प्रभाव के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों में समुद्र की ऊंची लहरें उठ रही हैं। पुडुचेरी और कराईकल के प्रशासन ने तटीय बस्तियों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन की आम जनता से अपील
- लोग अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें।
- बिजली के खंभों, कमजोर इमारतों और पेड़ों से दूर रहें।
- प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
