पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक और सुरक्षा घटनाक्रम के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक होने वाली है। 'मक्का डिफेंस अलायंस' के प्रमुख सदस्य देशों, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के शीर्ष रक्षा और खुफिया अधिकारी क्षेत्रीय सुरक्षा पर सीधी बातचीत के लिए तेहरान जाने वाले हैं। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के उप सचिव अली बघेरी ने सरकारी प्रसारक IRIB को दिए बयान में पुष्टि की कि यह दौरा पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय देशों के आपसी सहयोग से "आंतरिक सुरक्षा मॉडल" को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। IRIB की रिपोर्ट में बैठक की तारीख का उल्लेख नहीं किया गया। हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से बताया कि बैठक आज होगी।
बैठक में कौन-कौन से दिग्गज शामिल?
IRIB के राजनीतिक समूह के एक रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में बाघेरी ने कहा कि यह दौरा क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग के जरिए 'पश्चिम एशिया में स्वदेशी सुरक्षा' को आगे बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। पिछले सप्ताह पाकिस्तान के सेना प्रमुख के ईरान दौरे का जिक्र करते हुए बाघेरी ने कहा, "आसिम मुनीर ने सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई के साथ बैठक में बताया था कि सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान आने, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव से मुलाकात करने और संयुक्त बैठक आयोजित करने का फैसला किया है।"
बाघेरी ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य मेजर जनरल मोहसिन रजाई के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचार-विमर्श करना है। उन्होंने कहा, "सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और तुर्किये की खुफिया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कालिन तेहरान की यात्रा के दौरान इस बैठक में शामिल होंगे।"
'इजराइल और अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ क्षेत्रीय एकजुटता'
ईरानी मीडिया के मुताबिक, अली बघेरी ने ईरान के रक्षा मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी क्षमताओं पर आधारित यह मॉडल राष्ट्रीय सुरक्षा का एक सफल उदाहरण बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "ईरान की रणनीतिक नीति क्षेत्रीय देशों के सहयोग से अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करना है। हमारी प्राथमिकता अमेरिका और इजराइली शासन के नेतृत्व में होने वाले किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का मुकाबला करना है। क्षेत्र में अवैध इजराइली शासन की उपस्थिति शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।" बघेरी ने उम्मीद जताई कि ये चारों देश मिलकर पश्चिम एशिया में स्थिरता, शांति और प्रगति का एक नया दौर शुरू कर सकते हैं।
