Israel Hamas War: इजराइल के रक्षा मंत्री ने बुधवार को गाजा शहर में रह रहे सभी फिलिस्तीनियों को वहां से निकलने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए 'आखिरी मौका' है और जो कोई भी वहां रहेगा, उसे आतंकवादी समर्थक माना जाएगा और फिर उन्हें भी इजराइल के नए हमले का पूरा सामना करना होगा।
हमास कर रहा अमेरिका के प्रस्ताव पर विचार
स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, इस क्षेत्र में कम से कम 21 फिलिस्तीनी मारे गए। इस बीच, हमास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध समाप्त करने और 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में पकड़े गए बाकी कैदियों को रिहा करने के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि प्रस्ताव में कुछ बिंदु ऐसे हैं जो अस्वीकार्य हैं और उन्हें बदला जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि अन्य फिलिस्तीनी गुटों से परामर्श के बाद ही आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी।
बुरे फंसे फिलिस्तीनी, भुखमरी चरम पर
पिछले महीने इजराइल द्वारा गाजा शहर पर कब्जा करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद से लगभग 400,000 फिलिस्तीनी लोग भुखमरी से प्रभावित गाजा शहर से भाग गए हैं, लेकिन अभी भी सैकड़ों-हज़ारो लोग वहीं रह रहे हैं, जिनमें से कई लोग इसलिए नहीं जा पाए क्योंकि वे वहां से जाने का खर्च नहीं उठा सकते या वे दक्षिण में टेंट शिविरों तक की यात्रा करने के लिए बहुत कमजोर हैं।
गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पर ट्रंप और नेतन्याहू सहमत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में युद्ध समाप्त करने की योजना पर सहमत हो गए थे, लेकिन अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि हमास इन शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं। ट्रंप ने इजरायल-हमास युद्ध को समाप्त करने और युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी क्षेत्र में एक अस्थायी शासी बोर्ड स्थापित करने के लिए 20-सूत्रीय योजना पेश की, जिसके अध्यक्ष ट्रंप होंगे और जिसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी शामिल होंगे। इस योजना में लोगों को गाजा छोड़ने की जरूरत नहीं है और अगर दोनों पक्ष इसे स्वीकार करते हैं तो युद्ध तुरंत समाप्त होने का आह्वान किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि इजराइल द्वारा योजना को स्वीकार करने के 72 घंटों के भीतर हमास द्वारा बाकी सभी बंधकों को रिहा कर दिया जाएगा। वहीं, ट्रंप ने कहा कि अगर हमास नहीं माना तो अमेरिका इजराइल की कार्रवाई का समर्थन करेगा।
