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इजराइल के हवाई हमलों से दहला बेरूत, हिजबुल्लाह का एक और कमांडर ढेर; सीरिया से मुख्य सड़क संपर्क का टूटा

Israel Iran War: इजरायली सेना ने शुक्रवार को कहा कि एक दिन पहले बेरूत में एक हमले में हिजबुल्ला के संचार प्रभाग के प्रमुख मोहम्मद राशिद स्केफी की मौत हो गई थी। लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात क्षेत्र में लगातार 10 से अधिक हवाई हमले किये गये।

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इजराइल का हिजबुल्लाह पर बड़ा हमला

Photo : AP

Israel Iran War: इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरीय इलाकों में रातभर कई चरणों में भीषण हवाई हमले किये तथा लेबनान एवं सीरिया के बीच के मुख्य सड़क संपर्क को काट दिया। इजराइली बमबारी के कारण लेबनान से भाग रहे हजारों लोग जिस सीमावर्ती स्थल से सीरिया में प्रवेश करते हैं वह इसी मार्ग पर स्थित है। रात भर हुए विस्फोटों ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरीय इलाकों को हिलाकर रख दिया। हवाई बमबारी के कारण रात में आकाश में धुएं के गुबार और आग की लपटें उठती दिखीं। विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि लेबनान की राजधानी से कई किलोमीटर दूर तक की इमारतें हिल गईं।

इजराइली सेना ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि उसका लक्ष्य क्या था। हताहतों के बारे में भी अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इजरायली सेना ने शुक्रवार को कहा कि एक दिन पहले बेरूत में एक हमले में हिजबुल्ला के संचार प्रभाग के प्रमुख मोहम्मद राशिद स्केफी की मौत हो गई थी। सेना ने एक बयान में कहा कि स्केफी हिजबुल्ला का एक वरिष्ठ आतंकवादी था जो वर्ष 2000 से संचार इकाई के लिए जिम्मेदार था और संगठन के उच्चाधिकारियों के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा था।

इजराइल ने दागी 10 से ज्यादा मिसाइलें

लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात क्षेत्र में लगातार 10 से अधिक हवाई हमले किये गये। एजेंसी ने बताया कि इजराइली हवाई हमले के कारण व्यस्त मसना बॉर्डर क्रॉसिंग के पास सड़क संपर्क कट गया, जहां से पिछले दो हफ्तों में लेबनान में युद्ध के कारण हजारों लोग भागकर सीरिया में घुस गए थे। दोनों देशों को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त सड़क संपर्क को काटने वाले हवाई हमले के एक दिन पहले एक इजराइली सैन्य प्रवक्ता ने कहा था कि हिजबुल्ला सीमा पार से सैन्य उपकरणों के परिवहन की कोशिश कर रहा है।

सीरिया के रास्ते हिजबुल्ला के पास पहुंच रहे थे हथियार

ऐसा माना जाता है कि हिजबुल्ला को अपने अधिकांश हथियार सीरिया के रास्ते ईरान से प्राप्त हुए हैं। संगठन की सीमा के दोनों ओर मौजूदगी है, एक ऐसा क्षेत्र जहां वह सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद की सेना के साथ लड़ रहा है। सरकार समर्थक सीरियाई मीडिया संस्थान ‘दामा पोस्ट’ ने कहा कि इजराइली युद्धक विमानों ने दो मिसाइलें दागीं, जिससे लेबनान स्थित ‘मसना बॉर्डर क्रॉसिंग’ और सीरियाई क्रॉसिंग प्वाइंट ‘जेडीडेट याबोस’ के बीच सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। युद्ध की शुरुआत के बाद से यह पहली बार है कि इस प्रमुख सीमापारीय सड़क संपर्क को काट दिया गया है। लेबनानी जनरल सिक्योरिटी ने दर्ज किया है कि 23 सितंबर से 30 सितंबर के बीच (जब इजराइल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान पर भारी बमबारी की) 256,614 सीरियाई नागरिकों और 82,264 लेबनानी नागरिकों ने सीरियाई क्षेत्र में प्रवेश किया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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