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'क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत है? ', जानें कनाडा के PM ने ऐसा क्या कहा, जिससे दुनिया में मची सनसनी!

Israel-Iran War: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि भू-रणनीतिक रूप से महाशक्तियां बिना किसी बाधा या अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के सम्मान के कार्य कर रही हैं, जबकि इसके परिणाम अन्य देश भुगत रहे हैं। इस व्यवधान का चरम रूप अभी मध्य पूर्व में वास्तविक समय में देखा जा रहा है।

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इजरायल-ईरान को लेकर कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने जताई चिंता।

Photo : AP

Israel-Iran War: क्या इजरायल-ईरान जंग तीसरे विश्व युद्ध की आहट है? ये सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि मौजूदा वैश्विक हालात को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान में जारी युद्ध मौजूदा वैश्विक व्यवस्था के टूटने का एक “चरम उदाहरण” है, जहां देश अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का सम्मान किए बिना कदम उठा रहे हैं।

कार्नी, सिडनी स्थित थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट (Lowy Institute) में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान संबोधित कर रहे थे। उनका यह दौरा तीन देशों की व्यापार-केंद्रित यात्रा का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत भारत से हुई थी। वह गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करेंगे और शुक्रवार को जापान रवाना होंगे।

दरक रही है विश्व व्यवस्था: कनाडा के प्रधानमंत्री

कार्नी ने कहा, “भू-रणनीतिक रूप से महाशक्तियां बिना किसी बाधा या अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के सम्मान के कार्य कर रही हैं, जबकि इसके परिणाम अन्य देश भुगत रहे हैं। इस व्यवधान का चरम रूप अभी मध्य पूर्व में वास्तविक समय में देखा जा रहा है।”

उन्होंने जनवरी में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) की बैठक में दिए गए अपने भाषण का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नियम-आधारित विश्व व्यवस्था दरक रही है और पुराने मानदंड मिटते जा रहे हैं।

परमाणु खतरे पर जताई चिंता

कार्नी ने कहा कि कनाडा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को खतरे से बचाने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दशकों की संयुक्त राष्ट्र कोशिशों के बावजूद ईरान का परमाणु खतरा बरकरार है।

उन्होंने जोड़ा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले संयुक्त राष्ट्र से औपचारिक रूप से जुड़े बिना और कनाडा जैसे सहयोगियों से परामर्श किए बिना किए। हालांकि, इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि “यह फैसला अन्य लोग करें।”

युद्ध में मरने वालों की संख्या 1,045 के पार

दुबई, 4 मार्च (एपी): ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध में ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,045 हो गई है। यह जानकारी ईरान की सरकारी एजेंसी Foundation of Martyrs and Veterans Affairs ने बुधवार को दी।

एजेंसी के अनुसार, यह आंकड़ा उन शवों की पहचान के आधार पर जारी किया गया है जिन्हें अब तक तैयार कर अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, मृतकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका तथा इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। लगातार हो रहे हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाई के चलते नागरिक इलाकों पर भी असर पड़ा है। युद्ध के बढ़ते दायरे और बढ़ती जनहानि को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहराती जा रही है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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