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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध! ईरान के खिलाफ जंग में उतरे इजराइल के 100 फाइटर प्लेन, धुआं-धुआं हुआ तेहरान

Israel Strike on Iran: ईरान में सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले में इजराइल के 100 से अधिक विमानों ने हिस्सा लिया। इस हमले में एफ-35 जैसे फाइटर जेट का भी इस्तेमाल हुआ, जिसने 2000 किमी दूर ईरान में सैन्य ठिकानों पर बम बरसाए। इस बीच खबर है कि इजराइल, ईरान और इराक ने अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया है।

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इजराइल-ईरान जंग।

Photo : Twitter

Israel Strike on Iran: मिडिल ईस्ट में जंग की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। इजराइल ने ईरान पर हमला बोल दिया है। यह हमला हिजबुल्ला चीफ नसरल्ला की मौत के बाद 1 अक्टूबर को ईरान की ओर से इजराइल पर किए गए मिसाइल हमले के जवाब में है। IDF ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि ईरान की राजधानी तेहरान के नजदीक कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इजराइल ने इस हमले में अपने 100 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है।

इजराइली मीडिया यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, ईरान में सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले में इजराइल के 100 से अधिक विमानों ने हिस्सा लिया। इस हमले में एफ-35 जैसे फाइटर जेट का भी इस्तेमाल हुआ, जिसने 2000 किमी दूर ईरान में सैन्य ठिकानों पर बम बरसाए। अभी तक न तो इजराइल और न ही ईरान की तरफ से नुकसान की सूचना दी गई है।

परमाणु और तेल क्षेत्रों पर हमला नहीं

एपी न्यूज के अनुसार, इजराइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। दो सैन्य अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इजराइल की ओर से की गई एयरस्ट्राइक में ईरान के परमाणु और तेल क्षेत्रों को निशाना नहीं बनाया गया है। सिर्फ उन चीजों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में खतरा हो सकता है।

इजराइल ने क्यों किया ईरान पर हमला

बता दें, इजराइल पर हमास के हमले के बाद से इजराइली सेना कई मोर्चों पर जंग लड़ रही है। इस जंग में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ईरान भी शामिल होता रहा है। इजराइली सेना ने जब लेबनान में हिजबुल्ला चीफ हसन नसरल्ला को मार गिराया था, उसके बाद 1 अक्टूबर को ईरान ने 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल पर हमला बोल दिया था। इस हमले में इजराइल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। हालांकि, इसके बाद इजराइली पीएम नेतन्याहू को ने ईरान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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