Israel-Hamas War: भारत में इज़राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा है कि अब हमास को हिंदुस्तान की आतंकवादी वाली सूची में जोड़ने का समय आ गया है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स (पहले टि्वटर) पर उनकी यह टिप्पणी केरल में फिलिस्तीन समर्थक रैली में हमास के पूर्व प्रमुख खालिद मशाल की आभासी भागीदारी को लेकर आई है। हैरानी जताते हुए वह आगे बोले- मुझे विश्वास नहीं हो रहा है! हमास का आतंकी खालिद मशाल कतर से केरल के कार्यक्रम में 'बुलडोजर हिंदुत्व और रंगभेदी यहूदीवाद को उखाड़ फेंको' के नारे के तहत बोलता है।"
उन्होंने आगे अपने पोस्ट में बताया, "मशाल ने प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों से अपील की कि वे सड़कों पर उतरें और गुस्सा दिखाएं। लोग इसके साथ ही जिहाद के लिए तैयार रहें (इजरायल पर)। वे हमास को आर्थिक रूप से समर्थन दें। सोशल मीडिया पर फिलिस्तीनी कथा को बढ़ावा दें। अब हमास और आईएसआईएस को भी भारत की आतंकवादी सूची में जोड़ने का समय आ गया है।"
इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सिसी से बात की। उन्होंने इस दौरान इजराइल और फलस्तीन के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर चिंता जताते हुए शांति तथा स्थिरता की शीघ्र बहाली पर जोर दिया। पीएम ने रविवार सुबह इस बाबत सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।
उधर, इजराइल की सेना ने लोगों को आश्वस्त किया है। साथ ही कहा है कि वह हमास के खिलाफ युद्ध के दो उद्देश्यों को एक साथ हासिल कर सकता है। इसमें गाजा पट्टी से आतंकवादियों की हुकूमत को उखाड़ फेंकना और इजराइल से अगवा किए गए करीब 230 बंधकों को रिहा कराना शामिल है।
दरअसल, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी पर हवाई हमले और जमीनी आक्रमण तेज कर दिए हैं, जिससे बंधकों के परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है कि इसके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। ऐसा लगता है कि गाजा में इजराइली बंधकों को रिहा कराने के लिए हमास से बातचीत करने की जरूरत पड़ेगी। (एएनआई, पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
